पतंजलि की ‘कोरोनिल’ की बिक्री पर लगी रोक, बाबा रामदेव ने जू’ठा प्रचार कर देश भर में बेच दी

बाबा रामदेव की कोरोनिल पर सवालिया निशान, महाराष्ट्र सरकार के गृह मंत्री ने बिक्री को लेकर कहा पहले WHO से प्रमाण पत्र लाओ तभी बिकेगी

दिल्ली: अक्सर अपने बयानों की वजह से सुर्खियों में रहने वाले और भारतीय जनता पार्टी के समर्थन में बोलने वाले योग गुरु बाबा रामदेव को महाराष्ट्र सरकार ने एक झ’टका दिया है। दरअसल कोरोना म’हामा’री के दौरान पतंजलि योगपीठ ने कोरोनिल द’वा को लांच किया था। जिसमें प्रचार के ज़रिये बाबा रामदेव ने दावा था कि कोरोनिल पूरी तरह से सुरक्षित है।

लेकिन WHO ने साफ कहा कि उन्होंने कोरोनिल जैसी किसी भी द’वा के लिए कोई सर्टिफिकेट नहीं दिया है। गौरतलब है कि, वर्तमान महाराष्ट्र उद्धव सरकार और बीजेपी में अ’दा’वत ज’गजाहिर है। हाल ही में उद्धव सरकार ने पतंजलि योगपीठ में कोरोना के बचाव के लिए बनायीं गयी कोरोनिल द’वा पर महाराष्ट्र में रोक लगा दी है।

कोरोनिल WHO से प्रमाणित होने के बाद ही बिकेगी महाराष्ट्र में

महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि जब तक विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) जैसे संगठनों से इसके उचित होने का प्रमाण नहीं मिलता, तब तक राज्य में बेचने नहीं दिया जाएगा।

इसको लेकर महाराष्ट्र सरकार में गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा है कि “जब तक विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) द्वारा कोरोनिल को हरी झंडी नहीं मिलता तब तक राज्य में इस पर प्र’तिबंध रहेगा।

बता दें पतंजलि योगपीठ ने कोरोना से बचाव के लिए कोरोनिल को बनाया था। बाबा रामदेव के अनुसार यह पूरी तरीके से सुरक्षित हैं साथ ही यह पू’र्ण रूप से स्वदेशी है. और स्वास्थ्य के क्षेत्र में आ#त्मनि’र्भ’र भारत का एक और बढ़ता हुआ कदम है।

बाबा रामदेव ने यह भी कहा था कि कोरोनिल को विश्व के 158 देशों में बेची थी। लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बाबा रामदेव के इस दावे को गलत करार दिया है।

आखिर क्यों उठ रहे हैं सवाल कोरोनिल को लेकर?

उन्होंने हाल ही में यह खुलासा करते हुए कहा कि उन्होंने कोरोना के ट्री’टमेंट के लिए किसी भी ट्रे’डीश’नल मे’डिसिन का कोई रि’व्यू नहीं किया है जिसके बाद बाबा रामदेव के दावों पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं ।

यही नहीं इसी बात को लेकर देश की विभिन्न राजनीतिक पार्टियों और संगठनों ने अपने यहां पर कोरोनिल टीके पर रोक लगाने की मांग की थी।

साथ ही बताते चलें कि इंडियन मे’डिकल एसोसिएशन (IMA) ने भी केंद्रीय स्वा’स्थ्य मंत्री डॉ’क्टर हर्षवर्धन द्वारा पतंजलि योगपीठ से बने कोरोनिल का समर्थन करने पर सवाल खड़े किए हैं।

इंडियन मे’डिकल एसोसिएशन के अनुसार कोई भी डॉ’क्टर किसी भी द’वा या को प्रमोट नहीं कर सकता और डॉक्टर ह’र्षवर्धन मंत्री होने के साथ-साथ डॉ’क्टर भी हैं उनको नियमों का ध्यान रखना चाहिए था।

पुणे (महाराष्ट्र) की रहने वाली 'बुशरा त्यागी' पिछले 5 वर्षों से एक Freelancer न्यूज़ लेखक (Writer) के तौर पर कार्य कर रही हैं। 16 साल की उम्र से ही इन्होंने शायरी, कहानियाँ, कविताएँ और आर्टिकल लिखना शुरू कर दिया था।