देश भर में जारी कोरोना संकट के बीच एक बार फिर राहुल गांधी ने मोदी सरकार से की यह बड़ी अपील…

नई दिल्ली: कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने देश में 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की इसमें ज़रूरी सेवाओं के अलावा सभी सेवाएं बंद कर दी गई हैं. कारोबार थम गया है, दुकानें बंद हैं, आवाजाही पर पूरी तरह से रोक है. पहले से मुश्किलें झेल रही भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए कोरोना वायरस का ह’मला एक बड़ी मुसीबत लेकर आया है।

बता दें पिछले साल ही ऑटोमोबाइल से लेकर कई सेक्टर, रियल स्टेट, लघु उद्योग समेत असंगठित क्षेत्र में सुस्ती छाई हुई थी. बैंक एनपीए की समस्या से अब तक निपट रहे हैं. सरकार निवेश के ज़रिए, नियमों में राहत और आर्थिक मदद देकर अर्थव्यवस्था को रफ़्तार देने की कोशिश कर रही थी।

इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि आर्थिक मंदी ने कई भारतीय कॉरपोरेट को बहुत कमजोर कर दिया है और उन्होंने सरकार से राष्ट्रीय संकट की इस घड़ी में किसी विदेशी कंपनी द्वारा देश के किसी कॉरपोरेट का नियंत्रण अपने हाथ में नहीं ले पाने को सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।

आपको बता दें राहुल गाँधी ने यह चिंता मीडिया में आई उन खबरों पर प्रकट की है, जिनमें कहा गया था कि विदेशी संस्थानों ने स्टॉक बाजार के गिरने के मद्देनजर भारतीय कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदी है।

राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा, बड़े पैमाने पर आर्थिक मंदी ने कई भारतीय कॉरपोरेट्स को कमजोर कर दिया है, जिससे उन्हें अधिग्रहण के लिए आकर्षक लक्ष्य बनाया गया है। राष्ट्रीय संकट के समय सरकार को किसी भी विदेशी को लाभ को देखते हुए भारतीय कॉर्पोरेट पर नियंत्रण रखने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।

बता दें देश में कोरोना वायरस का कहर बढ़ता जा रहा है. भारत में अब तक 273 लोगों की मौ’त हो चुकी है और कोरोना संक्रमण के 8447 मामले सामने आ चुके हैं. हाल ही में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने गु कहा था कि कोरोना वायरस की महा’मा’री का असर देश के भविष्‍य पर काली छाया की तरह मंडराता रहेगा।

वही लॉकडाउन का असर सीधे तौर पर देश की आर्थिक गतिविधियों पर पड़ेगा. अनुमान के अनुसार, कोविड-19 की महा’मा’री के कारण वैश्विक उत्‍पादन, सप्‍लाई, व्‍यापार और पर्यटन पर विपरीत असर पड़ेगा।

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