बिग ब्रैकिंग: राजस्थान में सियासी संकट के बीच सचिन पायलट को लेकर कांग्रेस सरकार ने लिया बड़ा फैसला

राजस्थान में सियासी घमासान लगातार जारी है. इसी बीच कांग्रेस नेतुत्व ने बड़ा कदम उठाते हुए कांग्रेस नेता सचिन पायलट पर कार्रवाई की हैं. सचिन पायलट के बगावती सुरों को दबाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने सख्त कदम उठाते हुए उन्हें राजस्थान डिप्टी सीएम के पद से हटा दिया है. इसके साथ ही उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद से भी हटा दिया गया है. अब सचिन पायलट की जगह गोविंद सिंह दोतासारा प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए हैं.

इसके आलावा खुलकर सचिन पायलट का समर्थन करने वाले दो मंत्रियों विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा पर भी इस कार्रवाई की गाज गिरी है. पार्टी नेतृत्व ने इन दोनों नेताओं को भी मंत्री पद से हटाने का फैसला लिया हैं.

वहीं इससे पहले सचिन पायलट को मनाने की काफी कोशिशें की गई लेकिन सब कोशिश बेअसर साबित हुई. इसी के चलते ही सचिन पायलट आज जयपुर के होटल फेयरमोंट में चल रही कांग्रेस विधायक दल की दूसरे दिन की बैठक में भी सचिन और उनके समर्थन विधायक गायब रहे.

वहीं इससे पहले सोमवार को सीएम आवास पर हुई कांग्रेस विधायकों की बैठक के दौरान भी सचिन पायलट शामिल नहीं हुए थे. वहीं आरएलपी के राष्ट्रीय संयोजक और सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी सचिन का समर्थन किया था, उन्होंने कहा कि राजस्थान में जब सरकार बनी तब सचिन पायलट ही सीएम पद के असली दावेदार थे.

उन्होंने कहा कि सचिन ने चुनाव का नेतृत्व किया था. लेकिन गहलोत ने दिल्ली की परिक्रमा करके सीएम पद हासिल कर लिया हैं. सूत्रों की मानें तो सचिन पायलट ने कांग्रेस से राजस्थान में सीएम पद की मांग की थी. लेकिन वह अपने समर्थन विधायकों को एकजुट नहीं रख पा रहे हैं.

बताया जा रहा है कि सचिन पायलट चाहते हैं कि उनके समर्थक विधायक इस्तीफा दे दें लेकिन वो सब इसके लिए तैयार नहीं हुए. इसके बाद सचिन का दावा कमजोर पड़ गया. वहीं अभी तक यह भी साफ नहीं हो पा रहा है कि सचिन के साथ कितने विधायक मौजूद हैं.

साभार- जनसत्ता