ABP न्यूज़ के पत्रकार ने 12 लाख पैकेज की नौकरी से दिया इस्तीफा, कहा चैनल पूरा सच नहीं दिखाता

ABP न्यूज के पत्रकार Rakshit Singh ने मंच से दिया इस्तीफा, कहा सच को द'बाया जा रहा है. किसान आंदोलन कवर करने पहुंचे थे वहीँ पर नौकरी छोड़ने का एलान किया

दिल्ली: हमारे देश में बीते कुछ समय से देश की मीडिया पर सवाल खड़े होते आ रहे हैं, और इन दिनों मीडिया के लिए एक अलग तबके जिसे Goदी मीडिया कहा जाता है. दरअसल देश के लोगों के अंदर भी Goदी मीडिया को लेकर खूब गु’स्सा है और यह हाल में चल रहे किसान आंदोलन के दौरान खूब देखने और सुनने को मिला जब किसानों ने देश के दिग्गज मीडिया संस्थानों के रिपोर्टरों को वहां से भ’गा दिया था.

हालांकि देश के तमाम दिग्गज न्यूज़ चैनल अपने स्टूडियो से यह दावा करते हुए दिखाई देते हैं कि वे देश में चल रहे तमाम मुद्दों का सच दिखा रहे हैं लेकिन इसकी हकीकत कुछ और ही होती है और इसका खुलासा तब हुआ जब देश के एक प्रतिष्ठित चैनल के पत्रकार ने अपनी अच्छी खा’सी नौकरी को लात मा’र दी.

एबीपी न्यूज़ के सीनियर पत्रकार ने नौकरी को ठुकराया

दरअसल यह मामला मेरठ की किसान महापंचायत का है जहां एबीपी न्यूज़ के सीनियर पत्रकार रक्षित सिंह (Rakshit Singh) किसान महापंचायत को कवर करने पहुंचे थे लेकिन इस दौरान उन्होंने मंच पर चढ़कर अपनी नौकरी छोड़ने का ऐलान कर दिया जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

उन्होंने किसान महापंचायत के मंच पर चढ़कर कहा कि मैं पिछले 15 सालों से पत्रकारिता कर रहा हूं और मैंने पत्रकारिता के पेशे को इसलिए चुना था ताकि सच दिखा सकूं लेकिन मुझे सच नहीं दिखाने दिया जा रहा इसलिए मैं ऐसी नौकरी को ला’त मा#रता हूं.

खड़ा हूं जो चाहे कर लेना

एबीपी न्यूज़ के सीनियर पत्रकार ने मंच से कहा कि हो सकता है ऐसा करने के बाद मेरे खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाएंगे, एफआईआर दर्ज होगी और हो सकता है सड़क पर किसी ट्रक का Brake फे’ल हो जाए लेकिन जब मेरा बच्चा मुझसे पूछेगा कि बापू जब देश में जब अघोषित इमरजें’सी लगी थी तो आप कहां थे तो मैं अपने बेटे से कहूंगा कि मैं सी’ना ठोक के किसानों के साथ खड़ा था.

उन्होंने आगे कहा कि मैंने पढ़ाई के लिए जयपुर में जू’ते घिसे और दिल्ली में नौकरी की। मैंने हमेशा ईमानदारी के साथ सब कुछ कवर किया, आज तक मुझ पर कोई च’वन्नी का आ’रोप नहीं लगा सकता.

 

आज की तारीख में मेरा सालाना 12 लाख का पैकेज है। और इसके अलावा मुझे कुछ आता भी नहीं है इसलिए मैं कुछ व्यापार भी नहीं कर सकता घर का अकेला लड़का हूं कहां से घर चलाऊंगा।

इस सवाल को मैं पिछले 3 महीने से खुद से पूछ रहा हूं कि इस बच्चे को क्या खिलाऊंगा। क्योंकि मुझे पता है कि मेरे ऐसा करने के बाद क्या होगा खूब मुकदमे दर्ज होंगे, एफ आई आर दर्ज होंगे इस राज में कुछ भी हो सकता है.

लेकिन 56 इंच का सी’ना न सही 5-6 इंच का सी’ना तो है जिसे तान के खड़े हैं किसी से ड’रते नहीं हैं। क्योंकि अगर ऐसा करना दे’शद्रो’ह है तो हां मैं देश द्रो’ही हूं लेकिन ऐसे ही झू’ठ के स’ख्त खिलाफ हूं.

अब उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वा’यरल हो रहा है जो देश के प्रतिष्ठित न्यूज़ चैनलों के सच दिखाने के दा’वे की पो’ल खोल रहा है.

पुणे (महाराष्ट्र) की रहने वाली 'बुशरा त्यागी' पिछले 5 वर्षों से एक Freelancer न्यूज़ लेखक (Writer) के तौर पर कार्य कर रही हैं। 16 साल की उम्र से ही इन्होंने शायरी, कहानियाँ, कविताएँ और आर्टिकल लिखना शुरू कर दिया था।