राम मंदिर भूमि पूजन के बाद भड़के इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष कहा- मंदिर तोड़कर फिर से मस्जिद का निर्माण…

अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन का कार्य संपन्न हो चूका है और भव्य राम मंदिर के निर्माण की आधारशिला रख दी गई है. इसी बीच ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद साजिद रशीदी ने विवादित बयान देकर नया विवाद खड़ा कर दिया है. उन्होंने कहा है कि बाबरी मस्जिद का निर्माण करने के लिए मंदिर को तोड़ा जा सकता है. आपको बता दें कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण का रास्ता सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद साफ हुआ था.

रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद को लेकर सालों तक लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी जिसका फैसला रामलला के पक्ष में आया था. जिसके बाद 5 अगस्त को पीएम नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर की नींव रखी गई है.

ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद साजिद रशीदी ने एक वीडियो में कहा कि इस्लाम कहता है कि एक मस्जिद हमेशा एक मस्जिद होगी. इसे कुछ और बनाने के लिए नहीं तो’ड़ा जा सकता है.

उन्होंने आगे कहा कि हमारा मानना है कि यह एक मस्जिद थी और हमेशा मस्जिद ही रहेगी. मस्जिद का निर्माण मंदिर को ध्वस्त करके नहीं किया गया था लेकिन अब मस्जिद के निर्माण के लिए मंदिर को ध्वस्त किया जा सकता है.

वहीं इससे पहले असदुद्दीन ओवैसी और मुस्लिम पर्नसनल लॉ बोर्ड ने भी विवादित जमीन पर राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन होने पर नाराजगी जाहिर की थी.

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक ट्वीट करके भूमि पूजन का विरोध करते हुए कहा कि बाबरी मस्जिद थी, है और हमेशा रहेगी. उन्होंने बुधवार सुबह ट्वीट करके कहा कि बाबरी मस्जिद थी, है और रहेगी, इशांअल्लाह.

वहीं भूमि पूजन से ठीक पहले ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने वि’वादित ट्वीट करके कहा था कि बाबरी मस्जिद हमेशा थी और रहेगी. बोर्ड ने सु्प्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि अन्यायपूर्ण, दमनकारी, शर्मना’क और बहुसंख्यक तुष्टीकरण के आधार पर भूमि का पुनर्निर्धारण करने वाला फैसला इसे बदल नहीं सकता है.

इसके साथ ही मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अपने ट्वीट में तुर्की के हागिया सोफिया की चर्चा करते हुए कहा कि हमारे लिए यह एक बेहतरीन ताजा उदाहरण है कि स्थितियां हमेशा एक जैसी नहीं रहती हैं.

साभार- लाइव हिंदुस्तान