VIDEO: मोदी-योगी राज में खूब फल-फूल रही रामदेव की पतंजलि, बाबा मिड-डे-मील तक का ठेका लेने की कर चुके हैं कोशिश लेकिन..

योगगुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद ने मंगलवार को कोरोना वायरस की दवा कोरोनिल लॉन्च की थी. लेकिन मंगलवार को ही आयुष मंत्रालय ने इसके विज्ञापन पर रोक लगा दी. कोरोना के इलाज का दावा करने वाली कोरोनिल की बिक्री पर रोक लगाते हुए आयुष मंत्रालय ने आदेश दिया है कि पतंजलि कोविड-19 की दवा का तब तक प्रचार नहीं करेगी जब तक कि इस मुद्दे की जांच नहीं हो जाती है.

आपको बता दें कि यह पहला मौका है जब केंद्र की मोदी सरकार ने बाबा रामदेव की किसी प्रोजेक्ट को रोका या खारिज किया हैं. साल 2014 से स्वदेशी के नारे को बढ़ावा देने वाली बाबा रामदेव की होमग्रोन एफएमसीजी कंपनी योगी-मोदी राज में खूब फल-फूल रही हैं. साल 2014 से रामदेव की कंपनी ने लगातार कमाई के अवसर भुनाए हैं.

 

केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों के साथ पतंजलि अपनी कई परियोजनाओं को लेकर बातचीत करती रहती है. हालांकि पतंजलि के कुछ ऐसे प्रस्ताव भी है जिन्हें या तो तुरंत नहीं माना गया या कई महीनों के बाद उन पर विचार किया गया. इसके आलावा कंपनी के संस्थापक बाबा रामदेव द्वारा किये गए कुछ प्रस्ताव को बीजेपी सरकार ने अस्वीकार भी किया हैं.

हालांकि बहुत ही कम मामलों में बीजेपी सरकार बाबा रामदेव के प्रस्ताव को मना करती हैं. साल 2015 में बाबा रामदेव ने यूपी सरकार द्वारा संचालित खादी और ग्रामोद्योग आयोग को पुनर्जीवित करने का प्रस्ताव योगी सरकार के समझ रखा था. पतंजलि ने इसके रिसर्च, मार्केटिंग, क्वालिटी कंट्रोल और मैनेजमेंट की पूरी जिम्मेदारी उन्हें दी जाने की इच्छा जताई थी.

MSMEs मंत्रालय के साथ पतंजलि के अधिकारियों ने कम से कम तीन बार बात की थी लेकिन तत्कालीन एमएसएमई मंत्री कलराज मिश्रा ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था. इसे लेकर मिश्रा ने कहा कि खादी की अपनी अलग पहचान है और इससे छेड़छाड़ नहीं की जा सकती हैं.

इसके आलावा साल 2017 में उत्तरप्रदेश में योगीराज आने के बाद पतंजलि ने यूपी सरकार को मिड-डे-मील का हिस्सा बनाने का प्रस्ताव दिया था. पतंजलि ने मिड-डे-मील के तहत 10 करोड़ से अधिक बच्चों को पंजिरी (चीनी, घी और गेहूं का मिश्रण), फल और दूध देने की बात कही थी लेकिन योगी सरकार ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था.

इस प्रस्ताव को हासिल करने के लिए बाबा रामदेव ने काफी प्रयास किये थे लेकिन योगी सरकार ने उनके इस प्रस्ताव ने ठुकरा दिया था जिसके बाद काफी समय तक बाबा रामदेव ने बीजेपी के खिलाफ बयानबाजी भी की थी.

साभार- जनसत्ता