मोदी का पैकेजः 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज में से 8 लाख करोड़ घोषणा से पहले ही RBI ने बांट दिए

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने को’रोना वायर’स का प्रको’प शुरु होने के बाद से अपने पांचवें राष्ट्र के नाम संबोधन में मंगलवार को ऐलान किया कि उनकी सरकार आत्म निर्भर भारत अभियान के तेहत 20 लाख करोड़ रुपए का पैकेज लेकर आ रही है. इस पैकेज से देश की अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान की भरपाई होगी, गरीबों, मजदूरों, मध्यम वर्ग, किसानों, छोटे उद्योगों और टैक्स पेयर्स को मदद दी जाएगी।

बता दें मंगलवार की रात 8 बजे देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी अपने भाषण के दौरान याद दिलाया कि पैकेज Re रकम देश की जीडीपी के करीब 10 फीसदी के आसपास है. 2019-20 में देश की जीडीपी का आकार करीब 200 लाख करोड़ का था। पीएम ने लोकल उत्पाद खरीदने की अपील की और साथ ही लोकल उत्पादों के प्रचार का भी आह्वान किया। उन्होंने बताया कि पैकेज में क्या-क्या होगा इस बारे में वित्त मंत्री विस्तार से बताएंगी।

वही आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज से जुड़ी जानकारी दी. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि किस सेक्टर और किस कारोबार को क्या मिल रहा है. वित्तमंत्री ने कहा कि इस पैकेज पर फैसला कई मंत्रालय और विभागों के बीच चर्चा के बाद लिया गया और पीएम मोदी खुद पैकेज पर चर्चा में शामिल रहे।

20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज का करीबन 8 लाख करोड़ रुपए पहले ही RBI और सरकार ने जारी कर दिया था. अब 12 लाख करोड़ रुपए के पैकेज का ब्रेकअप दिया जा रहा है।

वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा- कोविड-19 के तहत प्रधानमंत्री ने पहला कदम प्रधानमंत्री गरीब कल्याण के तहत उठाया जो 1.70 लाख करोड़ रुपए का था. आरबीआई के जरिए लिक्विडिटी दी गई. भारत दुनिया भर के देशों में की तुलना में कोविड से बेहतर तरीके से लड़ रहा है. हम इस पर गहराई से विचार कर रहे हैं कि डिमांड और स्प्लाई की चेन में समन्वय बना रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समाज के विभिन्न समूहो, नेताओं और मंत्रालयों के साथ चर्चा करने के बाद इस पैकेज का ऐलान किया है. समाज के कई वर्गों से बातचीत कर पैकेज तैयार किया गया है. पैकेज के जरिए ग्रोथ को बढ़ाना है. भारत को आत्मनिर्भर बनाना है. इसलिए इसे आत्मनिर्भर भारत अभियान कहा जा रहा है।

आत्मनिर्भर भारत का मतलब आत्मविश्वासी भारत का है, जो लोकल लेवल पर उत्पाद बनाकर ग्लोबल उत्पादन में योगदान करे. स्थानीय ब्रांड को दुनिया के सामने पहचान दिलानी है.

देश में वेंटिलेटर और पीपीई किट का इस्तेमाल हो रहा है. डीबीटी के जरिए हमारी सरकार गरीबों तक मदद पहुंचाने का काम कर रही है. मोदी सरकार लोगों से बातचीत और संवेदनशीलता में भरोसा रखती है और बजट के बाद तुरंत कोरो’ना का प्रको’प आ गया. जिसके बाद 79 करोड़ बैंक गरीब लोगों खातों में पैसा दिया गया।