TRP घोटाला: रिपब्लिक टीवी का मालिक हुआ फरार, जल्द हो सकती है गिरफ़्तारी

फेक टीआरपी का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है, इस मामले को लेकर शनिवार को मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट को सूचित करते हुए मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने बताया कि रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क, न्यूज नेशन और महामूवी के मालिकों और अन्य वरिष्ठ अधिकारों को इस कथित टीआरपी घोटाले में आ’रोपी बनाया गया है और वो इस मामले में अपनी भूमिका के लिए वांछित हैं. हालांकि पुलिस ने इन लोगों के नामों का खुलासा नहीं किया है.

पुलिस ने अदालत को सूचित किया कि टीआरपी नंबरों की कथित आर्टिफिशियल स्पाइकिंग के मामले में गिर’फ्तार किये गए लोगों से लगातार पूछताछ की गई जिसमें उनकी भूमिकाओं की जनकारी सामने आई है.

republicn

यह पहला मौका है जब औपचारिक तौर पर न्यूज नेशन और महामूवी चैनलों का नाम शामिल किया गया है. कोर्ट को बताया गया है कि इस मामले में अब तक कुल नौ लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है. जिसमें से हंसा रिसर्च ग्रुप के दो लोगों रामजी वर्मा (44 वर्षीय) और दिनेश विश्वकर्मा (37 वर्षीय) को इस दौरान कोर्ट में पेश भी किया गया.

कोर्ट ने 20 अक्टूबर को गिरफ्तार किये गए दोनों शख्सों को जेल भेज दिया है. वहीं पुलिस ने इस दौरान यह भी दावा किया है कि पूछताछ में सामने आया है कि एक अभिषेक कलावाडे और उसके साथियों द्वारा रिपब्लिक टीवी, न्यूज नेशन और महामूवी चैनलों से कथित तौर पर पैसे लिए जाते थे.

टीआरपी मामले में कलावाडे वां’छित एक अन्य व्यक्ति हैं. एक जांच अधिकारी ने कहा कि उन्होंने उन लोगों को पैसे दिये थे जो 1800 पैनल वाले घरों में रहते हैं, ताकि वो लोग उनके चैनल को अधिक से अधिक वक्त तक देंखे जिससे की उन्हें टीआरपी रेंटिंग बढ़ाने में मदद हासिल हो सके.

कोर्ट में पुलिस ने कहा कि हमारे द्वारा हिरासत में लिए गए अभियुक्तों, गवाहों और वांछित अभियुक्तों के बीच एक चैन बनी हुई है. रॉकी नाम का एक वांछित आरोपी भी इस कड़ी में शामिल है.

इसी बीच रिपब्लिक टीवी के संस्थापक और एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी पर टीआरपी के मामले में एक और सुनवाई हुई. कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई 7 नवंबर को करने वाली है.

शनिवार को एनएम पुलिस स्टेशन में रिपब्लिक के कर्मचारियों, वरिष्ठ सहयोगी शवन सेन और कार्यकारी सहयोगी निरंजन नारायण स्वामी से पूछताछ की गई.  उनके खिलाफ कथित तौर पर मुंबई पुलिस को बदनाम करने का एक अन्य मामला दर्ज हैं.

साभार- जनज्वार