VIDEO: रोहित सरदाना ने समझाई गोदी मीडिया की परिभाषा कहा- गली के गुं’डे- आवारा लड़कों जैसी होती है गोदी मीडिया

आज तक (Aaj Tak) के एंकर रोहित सरदाना (Rohit Sardana) ने मोहल्ले के आवारा लड़कों से की ‘गोदी मीडिया’ (Godi Media) की तुलना, वीडियो वायरल.

किसान आंदोलन के दौरान एक तस्वीर खूब वायरल हुई थी जिसमें देश के कुछ प्रतिष्ठित समाचार चैनलों के नाम और लोगो थे और उनके नीचे लिखा हुआ था गोदी मीडिया। दरअसल किसान आंदोलन कर रहे किसान सिर्फ अपने अधिकारों की लड़ाई ही नहीं वह गोदी मीडिया के खिलाफ ही मोर्चा खोले हुए हैं. गोदी मीडिया शब्द सिर्फ किसान आंदोलन में ही सामने आया ऐसा नहीं है यह इससे पहले भी चलन में रहा है।

आज हम जानते हैं कि यह गोदी मीडिया क्या है और इसका मतलब क्या है. गोदी मीडिया शब्द आमतौर पर पिछले कुछ सालों से अधिक प्रचलन में आने लगा है। इसका एक साधारण सा मतलब यह है कि ऐसा मीडिया जो सरकार के समर्थन में बात करता है।

गोदी मीडिया को अच्छे से परिभाषित किया है रोहित सरदाना ने.

Godi Media

लेकिन इस शब्द के भी अलग अलग लोगों के लिए अलग अलग मायने हैं ऐसे में मीडिया के लोग ही गोदी मीडिया शब्द से क्या समझते हैं वह भी जानना बेहद जरूरी है और ऐसे में देश के प्रतिष्ठित हिंदी न्यूज़ चैनल आज तक के पत्रकार और न्यूज़ एंकर रोहित सरदाना यह समझाने के लिए आगे आए उनका एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खासा वायरल हो रहा है जिसमें रोहित गोदी मीडिया की परिभाषा दे रहे हैं।

आपको बता दें कि रोहित सरदाना एंकर चैट प्रोग्राम कर रहे थे जिसमें दर्शक ने सवाल पूछा कि गोदी मीडिया क्या है तो रोहित सरदाना ने इस पर खुलकर बात की रोहित सरदाना ने कहा कि आज गोदी मीडिया को मैं समझाता हूं. की गोदी मीडिया क्या है।

रोहित सरदाना बोले कि “आप सब ने देखा होगा कि गली में कुछ गुं’डे किस्म के लड़के होते हैं जो हमेशा चौराहे पर बैठे रहते हैं. और उनकी नजर वहां से गुजरने वाली हर एक लड़की पर होती है. वह लड़के वहां गुजरने वाली किसी भी लड़की को पसंद कर लेते हैं और साथ वालों से कह देते हैं कि यह तुम्हारी भाभी है।

अगर लड़की उनसे दोस्ती करने से मना कर देती है. तो वे लोग उस लड़की को आवारा बदचलन कहने लगते हैं। और प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद वे जगह जगह दीवारों पर लड़कियों के बारे में उल्टी-सीधी बातें लिखने लगते हैं।

सरदाना इससे आगे कहते हैं कि राजनीतिक दलों के साथ भी कुछ ऐसा ही है जिनकी गोद में जाकर हम नहीं बैठे वह गोदी मीडिया चिल्लाते रहते हैं. ऐसे राजनीतिक दलों को जनता सबक सिखाएं।

गौरतलब है की, सोशल मीडिया पर रोहित सरदाना का यह वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें उनकी गोदी मीडिया की नई परिभाषा सामने आई है।