CAA-NRC को लेकर बीजेपी को लगा तगड़ा झटका, 3 दिग्गज नेताओ सहित 76 मुस्लि'म नेताओं ने छोड़ी भाजपा

CAA-NRC को लेकर बीजेपी को लगा तगड़ा झटका, 3 दिग्गज नेताओ सहित 76 मुस्लि’म नेताओं ने छोड़ी भाजपा

भोपाल: केंद्र सरकार द्वार नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को पास करये जाने और एनआरसी को लागू करने के बाद से देशभर में लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है। इसके लेकर विपक्ष और अन्य संगठन पुरजोर तरीके से विरोध कर रहे हैं। वहीं बीजेपी नागरिकता संशोधन कानून को लेकर राष्ट्रव्यापी जनजागरण चलाने और लोगों को जागरूक करने में लगी हुई है, लेकिन इसी बीच बीजेपी के लिए झटका देने वाली खबर सामने आ रही है।

दरअसल, मध्य प्रदेश में कम से कम 76 मुस्लि’म भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने नागरिकता संशोधन कानून और प्रस्तावित एनआरसी के विरोध में पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी छोड़ने वाले सभी कार्यकर्ता भाजपा की इंदौर, देवास और खरगोन की अल्पसंख्यक शाखाओं से जुड़े हुए है।

आपको बता दें भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय के करीबी माने जाने वाले रजिक कुरैशी फरशीवाला ने द इंडियन एक्सप्रेस को फोन पर बातचीत में बताया कहा की हम ही जानते हैं कि अपने समुदाय के लोगों को भाजपा को वोट देने के लिए मनाना हमारे लिए कितना मुश्किल होता है। लेकिन अब भाजपा लगातार ऐसे मुद्दों पर बात कर रही है, जिससे हमारी मुश्किलें और भी बढ़ती जा रही हैं।

हाल ही में इससे पहले भोपाल में बीजेपी अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के 48 सदस्यों ने (CAA) और (NRC) का विरोध करते हुए पार्टी छोड़ दी थी। वही इन कार्यकर्ताओं ने पार्टी के भीतर भेदभाव की शिकायत करते हुए पार्टी छोड़ी है। इनका आरोप है कि पार्टी के कुछ सदस्यों ने एक समुदाय के खिलाफ आ’पत्ति’जन’क टिप्पणी की है।

हलाकि जिन मुस्लि’म नेताओं ने भाजपा से नाता तोड़ा है, उनमें अधिकतर बूथ लेवल के पदाधिकारी हैं और सक्रिय कार्यकर्ता हैं। इन नेताओं ने भाजपा छोड़ने से पहले इंदौर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन कर अपने फैसले की जानकारी दी।

वही रजिक कुरैशी फरशीवाला ने बताया कि पदाधिकारियों ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मांग की थी कि नए कानून में मुस्लि’मों को भी शामिल किया जाए। रजिक ने कहा कि हम बाबरी मस्जिद-राम मंदिर और तीन तलाक मामले पर भी सरकार का समर्थन करते हैं। हम हर मुद्दे पर चुप बैठे लेकिन अब नहीं।

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