जब सबके पास ह’थिया’र थे तो फिर क्यों ला’ठी-डं’डों और प’त्थ’रों से ल’ड़ते रहे जवान?

भारत-चीन की सीमा पर दोनों देशों के सैनिकों के बीच झ’ड़प हो गई. पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हुई इस झड़प के दौरान एक अधिकारी समेत 20 जवान श’हीद हो गए. वहीं  चीन के 40 जवानों की मौ#त होने की खबर भी सामने आई है. शुरूआती जानकारियों के अनुसार इस दौरान गो’लीबारी नहीं की गई. रिपोर्ट्स के अनुसार चीनी सैनिकों ने ला’ठी-डं’डों और प’त्थ’रों का उपयोग करके भारतीय जवानों को घा’यल किया.

ऐसे में अब सवाल यह उठता है कि परमाणु हा’थिया’रों से संपन्न दो देशों के सैनिक 14,000 फीट की ऊचाई पर ला’ठी प’त्थ’रों से क्यों ल’ड़ रहे थे? दरअसल दोनों देशों के बीच 1996 और 2005 के भारत-चीन सं’धि की गई थी.

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इसी सं’धि के तहत सीमा पर तैनात जवान ह’थिया’रों का इस्तेमाल नहीं कर सकते है. इन जवानों को लंबे समय तक यह प्रैक्टिस दी जाती है कि फ़ैस-ऑफ़ के दौरान जवान फ़ायरआर्म्स (बं’दूक़) का इस्तेमाल नहीं करेगें.

वहीं झ’ड़प की खबरें जब सामने आई थी तब कहा जा रहा था कि भारतीय सैनिक नि’ह#त्थे थे. लेकिन आज विदेश मंत्री जयशंकर प्रसाद ने ट्वीट करके साफ किया है कि भारतीय सैनिकों के पास ह’थिया’र मजौद थे.

दरअसल कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार से सवाल किया था कि आखिर भारतीय सेना को बिना ह’थिया’र के चीनी सैनिकों के पास किसने भेजा था. इसी पर आज विदेश मंत्री ने जबाव दिया है.

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा है कि गलवान घा’टी में भारत-चीन सीमा पर तैनात देश के जवानों के पास ह’थिया’र मौजूद थे लेकिन पिछले समझौतों के तहत उन्होंने ह’थिया’र का उपयोग नहीं किया.

हालांकि सोशल मीडिया पर कई लोग विदेश मंत्री के इस जवाब से सं’तुष्ट नहीं हैं. पत्रकार राहुल पंडिता ने भी ट्वीट करके इस पर सवाल किया है. उन्होंने कहा कि ह’थिया’र रखने का क्या फ़ायदा अगर आप उसे तब भी इस्तेमाल नहीं कर सकते जब आपके कमांडिंग ऑफ़िसर मा’रे जा रहे हों.

राहुल पंडिता ने लिखा कि मैं समझौतों को भी समझता हूं. लेकिन ह’थि’या’र रखने का क्या फायदा अगर आप उनका तब भी उपयोग नहीं कर सकते जब आपके कमांडिंग ऑफ़िसर के शरीर को नाख़ूनों और कटीले तारों सो नोंचा जा रहा था.

वहीं पत्रकार आशुतोष ने विदेश मंत्री के जवाब पर आप’त्ति जा’हिर करते हुए कहा कि विदेश मंत्री जी आपके ट्वीट जितना बताते हैं उससे कहीं ज़्यादा छु’पाते हैं. अगर जवानों के पास ह’थि’यार थे तो फिर उन्होंने आ’त्मर’क्षा में इस्तेमाल क्यों नहीं किये? उन्होंने आगे लिखा कि मंत्री जी कृपया करके इसका जवाब दीजिए. यह राष्ट्रीय सु’रक्षा का मुद्दा है, कुछ छु’पाएं नहीं, सिर्फ़ जो सच है वह बताएं.