देश के मौजूदा हालातो को लेकर सैफ अली खान का बयान कहा- लोकतंत्र को लेकर किसी को लड़ते नहीं देखा लेकिन स्टूडेंट्स…

नई दिल्लीः देश में इस समय नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और एनआरसी (NRC) को लेकर जगह-जगहों पर विरोध प्रदर्शन जारी है। कई जगह पर प्रदर्शन के दौरान हिं’सा के मामले भी सामने आये। वही 20 दिसंबर को हुए नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ यूपी के अलग-अलग जिलों में प्रदर्शन के दौरान उपद्रव के मामले में पुलिस पर गलत तरीके से कार्रवाई करने का भी आरोप लगा जिसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुए।

गौरतलब है की पिछले हफ्ते शुक्रवार को छपाक और तानाजी ये दोनों फिल्में एक साथ रिलीज हुई है। इन दोनों फिल्मों के आने से पहले इस लेकर राजनीति गरम थी। कुछ लोग छपाक के समर्थन में ट्विटर पर अभियान चलाए हुए थे। तो वही कुछ लोग इसके विरोध में लोगों से इस फिल्म का बायकॉट करने के लिए कह रहे थे।

इसी मुद्दे को लेकर बॉलिवुड ऐक्टर सैफ अली खान ने अपनी फिल्म तान्हाजी अनसंग वॉरियर’ पर बात करते हुए देश के मौजूदा हालात पर अपने विचार रखते हुए कहा कि फिलहाल देश में जो माहौल है, उसे देखकर मुझे दुख होता है।

ऐक्टर सैफ अली खान ने कहा की फिल्म में जो दिखाया गया है, वो इतिहास नहीं है। उन्होंने कहा कि इतिहास क्या है, मैं इसे जानता हूं लेकिन अगर कोई कहे कि फिल्म में जो दिखाया गया है वह इतिहास है तो मैं इसे नहीं मानता। सैफ ने देश के मौजूदा हालात पर भी अपने विचार रखे और कहा कि फिलहाल, देश में जो माहौल है, उसे देखकर दुख होता है।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सैफ अली खान ने कहा, ‘देश के लोग जो रवैया अपना रहे हैं वह गलत है. ये रवैया हमें भाईचारे के रास्ते से दूर कर रहा है। हम सेक्युलरिज्म से दूर जा रहे हैं और मुझे कोई भी इसके लिए लड़ता दिखाई नहीं दे रहा है।

सैफ ने कहा कि एक अभिनेता होने के नाते मेरे लिए कोई भी स्टैंड लेना सही नहीं है। क्योंकि इससे फिल्में बैन हो सकती हैं, जिससे फिल्म की कमाई पर असर पड़ता है। इसलिए फिल्म इंडस्ट्री के लोग अपने बिजनेस और अपने परिवार को खतरे में नहीं डालना चाहते और किसी भी तरह की राजनीतिक टिप्पणी करने से बचते हैं।

वही पत्रकार अनुपमा चोपड़ा को दिए इंटरव्यू में सैफ ने फिल्मों ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ को गलत बताते हुए कहा, ‘कुछ वजहों से मैं कोई स्टैंड नहीं लेता हूं। हो सकता है कि अगली बार करूं। मैं रोल को लेकर बहुत उत्साहित था, क्योंकि यह बहुत दिलचस्प था।