संबित पात्रा ने दी मुस्लिम पेनलिस्ट को चुनौती, एक बार 'जय श्रीराम' बोलके दिखाओ, इसके बाद क्या हुआ वो आप खुद ही देख लीजिये

संबित पात्रा ने दी मुस्लिम पेनलिस्ट को चुनौती, एक बार ‘जय श्रीराम’ बोलके दिखाओ, इसके बाद क्या हुआ वो आप खुद ही देख लीजिये

महाराष्ट्र में मंदिर खोलने को लेकर मचे हंगामे के बीच टीवी चैनलों की डिबेट में सियासी हलचल तेज हो गई है. भारतीय जतना पार्टी के प्रवक्ता महाराष्ट्र की शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की गठबंधन वाली सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे है. ऐसे वक्त में न्यूज़ चैनल न्यूज़18 इंडिया के एक डिबेट शो आरपार के दौरान बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा और कांग्रेस के नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम के बीच तीखी भि’ड़त देखने को मिली.

डिबेट के दौरान कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए धार्मिक स्थलों पर राजनीतिक करने की बात कहीं. वहीं तीखी बहस के बीच मुद्दा भगवान राम के जयकारे लगाने तक पहुंच गया और फिर बहस के बीच ही जयकारें गूंज उठे.

दरअसल कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद ने पात्रा को जवाब देते हुए कहा कि भगवान राम जितने हिंदुओं के हैं उतने ही वो मुसलमानों के हैं. आचार्य ने कहा कि अतीकउर रहमान डिबेट में मौजूद है, मैं उनसे सवाल करना चाहता हूं कि क्या वो भगवान राम का अपमान करते हैं या फिर करना चाहते हैं, या वो भगवान राम का सम्मान करते हैं.

उसके इस सवाल पर रहमान कुछ बोल पाते उससे पहले ही संबित पात्रा बोल पड़े कि आचार्य का मानना है कि अतीकउर रहमान भगवान राम के बहुत बड़े भक्त हैं. संबित ने रहमान को चुनौती देते हुए कहा कि मैं रहमान से कहता हूं कि वो एक बार जय श्रीराम बोलकर दिखाएं. हनुमान चालीसा भी पढ़कर सुना दीजिए.

पात्रा के सवाल पर मुस्लिम चिंतक रहमान ने कहा कि जय श्रीराम… जय श्रीकृष्ण… पैगंबर को दुरूद… यहीं तो धर्मनिरपेक्षता है. मैं सवाल करना चाहता हूं कि बीजेपी धर्मनिरपेक्षता का गला क्यों घो’टना चाहती है.

वहीं दूसरी तरह अतीकउर रहमान के जय श्रीराम कहने पर आचार्य प्रमोद ने ताली बजाते हुए उनका स्वागत किया. उन्होंने कहा कि जो वो बोलते है, उसे ही जीते हैं. हमारे शास्त्र कहते हैं कि परमात्मा एक है, बस नाम अलग है, कोई अल्लाह कहता है, कोई खुदा कहता है, कोई राम कहता है.

आपको बता दें कि महाराष्ट्र में अभी भी मंदिर बंद है, जबकि सरकार ने पूरे सूबे में बार, बाजार, रेस्तरां सहित सभी गतिविधियों को बहाल करने की अनुमति दे दी लेकिन अभी भी मंदिरों पर ताला है. जिसके चलते बीजेपी इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए इसका विरो’ध कर रही है.

साभार- जनसत्ता