सऊदी अरब के वैज्ञानिकों का बड़ा आविष्कार, बनाई कृत्रिम स्किन जो पांच हज़ार बार अपने आपको ठीक कर सकती है

सऊदी अरब की किंग अब्दुल्लाह यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक बड़ा आविष्कार किया है, उन्होंने एक कृत्रिम स्किन तैयार की है जो मानव जीवन के लिए किसी संजीवनी से काम नहीं है

यूं तो अब तक मेडिकल साइंस ने बहुत तरक्की की है परंतु फिर भी इसमें बहुत सी चीजें ऐसी हैं जिन पर वैज्ञानिक लगातार प्रयोग करते रहते हैं और उनकी कोई उपलब्धि लोगों को जितना लाभ पहुंचाने वाली होती है उससे कहीं ज्यादा चौंकाने वाली भी होती है।

अब मेडिकल साइंस ने इतनी तरक्की कर ली है की लगभग समय रहते वह हर छोटी से लेकर बड़ी से बड़ी बीमारी का इलाज करने में भी सक्षम है और धीरे-धीरे तो मानव के अंग भी मेडिकल साइंस कृत्रिम रूप से विकसित करने में लगा हुआ है जिससे कि किसी भी परिस्थिति में आदमी को बचाया जा सके.

Saudi Arabian scientists make amazing skin

ऐसा ही एक कारनामा और सामने आया है जिसमें सऊदी अरब की किंग अब्दुल्लाह यूनिवर्सिटी ने कृत्रिम स्किन तैयार की है . जिसके लाभ इंसान के लिए चौकानेवाले वाले हैं.

इलेक्ट्रॉनिक स्किन 5 हज़ार बार खुद को रिपेयर कर सकती है

सऊदी अरब के किंग अब्दुल्लाह यूनिवर्सिटी ने अब एक ऐसी इलेक्ट्रॉनिक स्किन तैयार की है जो कि 5 हज़ार बार तक खुद को रिपेयर कर सकती है. दैनिक भास्कर की ख़बर के मुताबिक सऊदी अरब यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक इसके बारे में कहते हैं कि इस स्किन में इंसान की स्किन की तरह ही खिंचाव उत्पन्न होता है और यह सेंसिटिव भी है.

8 इंच दूर से ही महसूस कर सकती है चीजें

एक इंसान की स्किन से कुछ भी टच होने पर वह उसको महसूस करती है और तापमान घटने या बढ़ने को भी महसूस करती है इसी तरह सऊदी अरब के वैज्ञानिकों द्वारा बनाई गई यह इलेक्ट्रॉनिक स्किन भी चीजों को महसूस करती है और यही नहीं यह इलेक्ट्रॉनिक स्किन तो 8 इंच दूर से ही चीजों को महसूस कर सकती है.

किंग अब्दुल्लाह यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक डॉक्टर यीचेन काय कहते हैं कि एक आदर्श स्किन में महसूस करने का गुण होना जरूरी है जो कि हमारी इलेक्ट्रॉनिक स्किन में मौजूद है.

ब्लड प्रेशर पर रखती है नजर

यह इलेक्ट्रॉनिक स्किन शरीर में हो रहे बदलावों को भी इंसान से वाईफाई की मदद से साझा करती है जैसे अगर शरीर के ब्लड प्रेशर में कुछ परिवर्तन हो रहा है तो यह जानकारी अपने पास स्टोर रखती है और उसे वाईफाई की मदद से इंसान को साझा करती है.

इसे 2D सेंसर की मदद से पतला और स्ट्रांग बनाया गया है जिससे कि यह लंबे समय तक बरकरार रहती है वहीं वैज्ञानिकों का कहना है कि इसके हाइड्रोजेल में 70% से अधिक पानी है जिससे कि इसका इंसान की स्किन से आसानी से तालमेल हो जाता है।