सऊदी के इतिहास में पहली बार, मस्जिद अल हरम और मस्जिद-ए- नबवी में महिलाओं को लेकर बना कानून

सऊदी सरकार द्वारा एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया हैं जो दुनिया भर के मुसलमानों में चर्चा का विषय बन गया हैं. इसके साथ ही सऊदी अरब के इस कदम पर ग्लोबल स्तर पर खूब प्रसंशा की जा रही हैं. आपको बता दें कि सऊदी अरब ने अपने अब तक के इतिहास में पहले बार मस्जिद-अल-हरम और मस्जिद अल-नबावी में महिलाओं को बड़े पदों पर नियुक्त करके ना सिर्फ सऊदी बल्कि दुनिया को भी चौंका दिया हैं.

सऊदी न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि सऊदी ने इतिहास में पहली बार 10 महिलाओं को मस्जिद अल-हरम और मस्जिद अल-नबावी में उच्च पदों पर नियुक्त करने का फैसला लिया हैं.

आपको बता दें कि अतीत में पवित्र स्थानों, मस्जिदों में महिलाओं की तैनाती बहुत ही दुर्लभ रही हैं. इसे लेकर जनरल प्रेसीडेंसी जो पवित्र स्थानों के मामलों को चलाता है, ने भी एक बयान जारी करके जानकारी दी हैं.

उन्होंने अपने बयान में कहा कि इन 10 महिलाओं को विभिन्न विभागों में प्रशासनिक और तकनीकी पदों पर पदोन्नत किया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान अपने देश की महिलाओं को अन्य अधिकार देने के साथी ही उन्हें रोजगार देने के प्रयासों में भी जुटे हुए हैं.

उनके इन्हीं प्रयासों के चलते साल 2019 की तीसरी तिमाही के दौरान सऊदी अरब में कार्यरत महिलाओं की संख्या 1 मिलियन पहुंच गई. अब तक यह आंकड़ा और भी बढ़ गया हैं लेकिन अभी नए आंकड़े आने बाकि हैं.

मुहम्मद बिन सलमान के क्राउन प्रिंस के तौर पर सत्ता संभालने के बाद से ही देश में कई बड़े और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिले हैं. सऊदी सरकार ने इसी दौरान यहां की महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस जारी करके उन्हें गाड़ी चलाने का अधिकारी भी दिया.