शाहीन बाग का चहेता ‘मोहम्मद’ नहीं रहा, सर्दी से मासूम की मौ’त, फिर भी नहीं डिगा मां-बाप का हौसला

नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में पिछले 52 दिनों से चले आ रहे विरोध-प्रदर्शनों में शामिल चार महीने का मासूम मोहम्मद जहान। छोटे-छोटे गालों पर बना तिरंगा। मां नाजिया के साथ आने वाला यह बच्चा जल्द ही शाहीन बाग में हर आंख का तारा बन चुका था। मोहम्मद कभी इसकी गोद में तो कभी उसकी गोद में। कभी-कभी तो मां को ढूंढना पड़ता था कि उसका लाल कहां पर है।

शाहीन बाग में सीएए विरोधी प्रदर्शन के बीच हर रोज़ इस मासूम की प्यारी सी मुस्कान सभी के चेहरों पर हंसी ला देती थी। लेकिन अब यह सिलसिला खत्म हो गया है। सोमवार की रात ठंड़ लगने से मोहम्मद जहान की मौ’त हो गई है। चार महीने के मोहम्मद को उसकी मां रोज़ प्रदर्शन में ले जाती थी। लेकिन मोहम्मद अब कभी शाहीन बाग में नज़र नहीं आएगा।

मासूम मोहम्मद जहान को प्रदर्शन में रोजाना लाती थी मां

आपको बता दें शाहीन बाग में खुले में प्रदर्शन के दौरान उसे ठंड लग गई थी, जिसके कारण उसे बहुत जुकाम और सीने में जकड़न हो गई थी. हालांकि उसकी मां अब भी प्रदर्शन में हिस्सा लेने को दृढ़ है। अपनी आंखों के तारे को हमेशा के लिए अलविदा कहने के चंद दिनों के बाद ही मां फिर से शाहीन बाग लौट आई है। और वो कहती है, ‘यह लड़ाई मेरे बच्चों के भविष्य के लिए है।

आपको बता दें मोहम्मद के मां-बाप बटला हाउस इलाके में प्लास्टिक और पुराने कपड़े से बनी छोटी सी झुग्गी में रहते हैं. उनके दो और बच्चे हैं- पांच वर्षीय बेटी और एक साल का बेटा. उत्तर प्रदेश के बरेली के रहने वाले दंपत्ति मुश्किल से अपना रोज़मर्रा का खर्च पूरा कर पाते हैं. मोहम्मद के पिता आरिफ कढ़ाई का काम करते हैं और ई- रिक्शा चलाते हैं।

वही उसकी पत्नी कढ़ाई के काम में उसकी मदद करती है. आरिफ ने कहा, कढ़ाई के काम के अलावा, ई रिक्शा चलाने के बावजूद मैं पिछले महीने पर्याप्त नहीं कमा सका अब मेरे बच्चे का इंतकाल हो गया। हमने सब कुछ खो दिया।

उन्होंने मोहम्मद की एक तस्वीर दिखाई, जिसमें उसे एक ऊनी कैप पहन राखी थी जिस पर लिखा है, ‘आई लव माई इंडिया नाज़िया ने कहा कि उसके नन्हें बेटे की 30 जनवरी की रात को प्रदर्शन से लौटने के बाद नींद में ही मौ’त हो गई. उन्होंने बताया, मैं शाहीन बाग से देर रात एक बजे आई थी. उसे और अन्य बच्चों को सुलाने के बाद मैं भी सो गई।

जब सुबह उठकर मैंने देखा कि वह कोई हरकत नहीं कर रहा था. उसका इंतकाल सोते हुए हो गया. दंपत्ति 31 जनवरी की सुबह उसे नज़दीकी अल शिफा अस्पताल ले गए अस्पताल ने उसे मृ’त घोषित कर दिया।

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