शाहिन बाग आंदोलन के दौरान लंगर चलाने वाले डीएस बिंद्रा का नाम दिल्ली हिं’सा की चार्जशीट में शामिल, बोले- क्या लंगर जुर्म हैं?

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का मुख्य केंद्र बना शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों और राहगीरों के लिए लंगर लगाने वाले डीएस बिंद्रा को आप जरुर जानते ही है. नागरिक संशोधन कानून के विरोध में उतरे प्रदर्शनकारियों के लिए शाहीन बाग और कुछ दिन दिल्ली के खुरेजी में भी लंगर लगा कर उन्हें खाना खिलाने वाले डीएस बिंद्रा को अच्छी खासी प्रसिद्धि प्राप्त हुई है.

उनके ख्याति मिलने के पीछे की असल वजह उनका मानवतावादी चरित्र और नेक इरादे थे. उन्होंने लोगों तक खाना पहुंचाने के लिए अपना फ्लैट तक बेंच दिया था और लंगर लगा कर लोगों को पेट भर खाना खिलाया था. जिसके बाद उन्होंने मीडिया में खूब सुर्खियां बटोरी थी.

डीएस बिंद्रा एक बार फिर से चर्चा में आ गए है लेकिन इस बार वह लंगर की वजह से नहीं बल्कि दिल्ली पुलिस द्वारा दायर चार्जशीट में उनका नाम दिल्ली दं’गो में शामिल होने के कारण चर्चा में आया है.

वहीं डीएस बिंद्रा अपना नाम चार्जशीट में देखकर काफी दुखी है. उन्होंने न्यूज वेबसाइट द क्विंट से बातचीत के दौरान कहा कि मैने क्या गलत किया है? क्या लंगर लगाना भी एक अपराध है?

दिल्ली पुलिस द्वारा दिल्ली दं’गों के दौरान मा’रे गए कांस्टेबल रतन लाल की मौ’त की FIR 60 के तहत दायर चार्जशीट में डीएस बिंद्रा का नाम मौजूद है. इसे लेकर द क्विंट को डीएस बिंद्रा ने बताया कि इस चार्जशीट में उनके नाम का उल्लेख किया गया है.

आपको बता दें कि डीएस बिंद्रा दिल्ली के निवासी है और पेशे से एक वकील है. नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में चल रहे प्रदर्शन के दौरान उन्होंने प्रदर्शनकारियों के लिए लंगर और सार्वजनिक रसोई की व्यवस्था की थी जिसके बाद वह सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहे थे.

द क्विंट की रिपोर्ट के अनुसार कॉन्स्टेबल रतन लाल की ह’त्या और चांदबाग में हुई हिं’सा के संबंध में चार्जशीट दायर की गई है. बता दें कि पुलिस द्वारा बताए गए 17 आरोपियों की सूची में उनका नाम नहीं है लेकिन पुलिस ने कुछ गवाहों के आधार पर उन पर आरोप लगाया गया है कि वह दुसरे के साथ दं’गे की करतूत में शामिल थे.

साभार- क्विंट हिंदी