CM बनते ही शिवराज एक्शन में, BJP कार्यकर्ताओं को थप्पड़ जड़ने वाली कलेक्टर निधि निवेदिता को मिली सजा

राजगढ़: नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के समर्थन में प्रदर्शन करने वाले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक कार्यकर्ताओं को थप्पड़ जड़ने वाली झारखंड की निधि निवेदिता पर मध्यप्रदेश में कार्रवाई हो गयी है. मूल रूप से झारखंड के धनबाद जिला के सिंदरी की रहने वाली निधि निवेदिता अपने पद से हटा दी गयी हैं. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने सबसे पहले यही फैसला लिया।

आपको बता दें मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने निगम आयोग के सभी राजनीतिक मनोनयन निरस्त कर दिये. राजगढ़ की कलेक्टर निधि निवेदिता और एसडीएम प्रिया वर्मा को हटा दिया. रीवा नगर निगम के कमिश्नर सभाजीत यादव को भी ह‍टा दिया गया।

दरअसल, निधि वही अधिकारी हैं, जिसने राजगढ़ के व्याबरा में नागरिकता संसोशन कानून के समर्थन में बीजेपी ने तिरंगा यात्रा निकल रही थी. इस रैली के दौरान कलेक्टर निधि निवेदिता द्वारा एक बीजेपी कार्यकर्ता को थप्पड़ जड़ दिया था जिसके बाद बबाल मच गया था।

प्रिया वर्मा की प्रदर्शनकारियों से झड़प के बाद शिवराज सिंह चौहान ने दोनों अधिकारियों पर सरकार के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था. सत्ता में लौटते ही उन्होंने सबसे पहले इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की।

निधि निवेदिता के थप्पड़ जड़ने का वीडियो वायरल हुआ, तो शिवराज ने तत्कालीन कमलनाथ सरकार से पूछा था, क्या अब भी सरकार ऐसे अधिकारी का बचाव करेगी।

दरअस, इस मामले में पहले दो तरह की रिपोर्ट में कलेक्टर की क्लीन चिट मिल गई थी. पहली रिपोर्ट तत्कालीन डीजीपी वीके सिंह ने गृह विभाग को भेजी थी. इसमें राजगढ़ एसडीओपी से जांच कराई गई थी. जांच में कलेक्टर पर एएसआई को थप्पड़ मारने के आरोप सही पाए गए।

जबकि दूसरी जांच राजगढ़ एडीएम ने की थी इसमें थप्पड़ का जिक्र ही नहीं किया गया था. वहीं तीसरी जांच में कलेक्टर निधि निवेदिता के खिलाफ ASI को थप्पड़ मारने के प्रमाण नहीं मिले थे. जांच कमेटी को निधि निवेदिता के खिलाफ कोई प्रमाण नहीं मिले थे. कमेटी ने अपनी रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी थी।

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