सोनू सूद से मदद मांगने वालों मज़दूरों ने अपने ट्वीट क्यों डिलीट किए, सारा मामला आया सामने

बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद कोरोना वायरस के चलते लगाए गए लॉकडाउन के चलते फंसे लोगों को उनके घर पहुंचा रहे हैं. सोनू पहले प्रवासी लोगों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए बसों का इंतजाम कर रहे थे लेकिन अब ट्रेन और फ़्लाइट्स से भी उन्हें घर पहुंचा रहे हैं. सोनू का कहना है कि वह इसके लिए मजदूरों से कोई पैसा नहीं ले रहे हैं. लेकिन पिछले कुछ दिनों से सोनू सूद की इस जनसेवा को लेकर बवाल छिड़ गया हैं.

दरअसल 7 जून को कई लोगों ने ट्वीटर पर नोटिस किया कि सोनू सूद से जिन लोगों ने मदद मांगी थी जिनमें से कई लोगों ने अपने ट्वीट डिलीट कर लिए हैं. जिसके बाद विवाद शुरू हो गया और कई लोग दावा करने लगे कि सोनू सूद से मदद मांगने वाले ज्यादातर लोग फर्जी हैं.

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इसके बाद इस मामले पर लेकर राजनीति शुरू हो गई. इससे पहले शिवसेना नेता संजय राउत ने दावा किया था कि सोनू सूद मुंबई से उत्तर भारतीय मजदूरों को उनके घर भेज रहे हैं. वह ऐसा करके उद्धव ठकारे की सरकार को नीचा दिखाना चाहते हैं. उन्होंने शक जताया कि कहीं सोनू के पीछे एक खास पार्टी का हाथ तो नहीं हैं?

इसके बाद से ही इस पर राजनीति शुरू हो गई. मदद मांगने वालों के ट्वीट डिलीट करने को लेकर लल्लनटॉप ने रिसर्च की जिसमें कई महत्वपूर्ण बिंदु सामने आए. जो ट्वीट डिलीट किये गए उनमें से कुछ फर्जी थी और कुछ दूसरों लोगों की मदद करने के लिए किये गए थे.

डिलीट किये गए कुछ ट्वीट ऐसे थे जो दूसरे लोगों की मदद करने के लिए किये गए थे लेकिन जिससे पहले सोनू उनकी मदद करते वह लोग अपने घरों को रवाना हो गए थे या किसी और संस्था ने उन्हें मदद मुहैया करा दी थी इसलिए यह ट्वीट डिलीट कर दिये गए.

ऐसा नहीं है कि सोनू से मदद मांगने के लिए जितने ट्वीट किये गए थे जो अब डिलीट कर लिए गए है वह सभी फर्जी थी. कई ट्वीट असल भी थे लेकिन अब सवाल यह है कि अगर असल थे जो डिलीट क्यों किये गए.

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सोनू सूद से मदद मांगने के लिए अनमोल यादव ने ट्वीट किया था. जब सोनू ने उन्हें मदद पहुंचा देने के बाद अब यह ट्वीट उपलब्द नहीं हैं. अनमोल का अकाउंट देखने पर पता चला कि उन्होंने अपना अकाउंट बाद में प्रोटेक्टेड कर लिया इसलिए ही उनका ट्वीट अब सभी के लिए उपलब्द नहीं हैं. अनमोल के आलावा ऐसे और भी कई अकाउंट हैं.

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कुछ ऐसे मामले भी देखने को मिले जहां सिर्फ ट्वीट ही नहीं बल्कि पुरे अकाउंट ही डिलीट कर लिए गए. रिसर्च करने वालों का मानना है कि शायद यह अकाउंट घर पहुंचने के लिए मदद मांगने के लिए ही बनाए गए थे और जब उन्हें सोनू सूद से मदद मिल गई तो उन्होंने अपने ट्वीट और अकाउंट डिलीट कर लिए.

वहीं कुछ ट्वीट ऐसे भी देखने को मिले जिनके यूजर ने अपना मदद मांगने वाला ट्वीट तो डिलीट कर दिया गया है. लेकिन उन्होंने मदद मिलने पर सोनू सूद को रिप्लाई करके शुक्रिया कहा वह अभी भी मौजूद हैं.

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वहीँ कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्होंने मदद मांगने के लिए फोन नंबर और आधार नंबर साझा कर दिए थे जिसके बाद लोगों ने उन्हें समझाया तो उन्होंने अपने ट्वीट डिलीट कर लिए.

कुछ ट्वीट डिलीट करने वाले लोगों से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि ट्वीट में मदद मांगने के लिए हमने पर्सनल डिटेल है. फ़ोन नम्बर साझा किये थे इसलिए जब मदद मिल गई तो हमने अपने ट्वीट डिलीट कर लिए.

लल्लनटॉप के लिए यह रिसर्च करने वाले अजयेंद्र ने बताया कि ज्यादातर ट्वीट अपनी पर्सनल डिटेल छिपाने के लिए ही डिलीट किये गए हैं और बाक़ी या तो अकाउंट ही बंद हैं या फिर अकाउंट सेक्योर हो जाने के कारण ट्वीट ही नहीं दिख रहे हैं. इन ट्वीटस से किसी भी खास पार्टी का कोई लेना-देना नहीं हैं.

वहीं इस मामले को लेकर सोनू सूद ने कहा कि बहुत सारे लोग अपनी मंजिल पर पहुंच गए जिसके बाद अभी उनके नंबर सोशल मीडिया पर मौजूद थे तो उन्हें और भी कॉल आ रहे होगें. शायद इन्हीं कॉल से बचने के लिए उन्होंने अपने ट्वीट डिलीट किये होगें. कहीं लोग ऐसे भी थे जिन्हें हमने कॉल किया तो उन्होंने कहा कि हमें सिर्फ आपसे बात करना था और बाद में उन्होंने अपने ट्वीट हटा लिए.

इसके साथ ही सोनू सूद ने एक ट्वीट करके मदद मांगने वालों से कहा कि आपके ट्वीट करने और डिलीट कर लेने से हमारे काम में बाधा पहुँच रही है. इसलिए अगर मामला सच्चा हो तभी ट्वीट करें.