सोनू सूद का नाम लेकर घर पहुंचाने के लिए मांगे 10000 रूपये, जानिए केसे खुली पोल

कोरोना से छाए संक’टकाल में जब प्रवासी कामगार भूख और पैसे की तंगी से परेशान होकर अपने घरों को लौटने के लिए तरस रहे थे, ऐसे समय में सोनू सूद उनके लिए मसीहा बनकर सामने आए. वह प्रवासी कामगारों की मदद उनके घरों तक पहुंचने में कर रहे हैं. सोनू सूद रोज लॉकडाउन के चलते फंसे लोगों को उनके गांव या घर भेजने में जुटे हुए हैं इसके लिए उन्होंने एक टोल फ्री नंबर भी जारी किया है. इस नंबर को मिला कर सोनू सूद से संपर्क साधा जा सकता हैं.

सबसे बड़ी बात यह है कि सोनू सूद लोगों को उनके घरों तक फ्री में पहुंचा रहे है. वह सभी को अपने खर्चे पर भेज रहे हैं. लेकिन इसी बीच खबर आई है कि सोनू सूद के नाम पर कुछ लोग ठगी कर रहे है. उनके नाम से लोगों को घर पहुँचाने के लिए पैसे मांगे जा रहे हैं. इसकी जानकारी खुद सोनू सूद ने ट्वीट करके दी हैं.

कुछ लोगों द्वारा सोनू सूद के नाम का गलत फायदा उठा कर मजदूरों से पैसे ऐंठना शुरू कर दिया गया है. एक्टर ने अपने ट्वीटर हैंडल से लोगों को इस फोर्ड के बारे में आगाह किया हैं. उन्होंने व्हाट्सएप्प चैट के कुछ स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किए हैं. इसके साथ ही उन्होंने लिखा है कि दोस्तों कुछ लोगों द्वारा आपकी जरूरत का फायदा उठाने के लिए आप से संपर्क किया जा सकता हैं.

उन्होंने कहा कि जो भी सेवा हमारे द्वारा श्रमिकों को दी जा रही हैं वह बिल्कुल निःशुल्क है. ऐसे में अगर कोई भी व्यक्ति आपसे मेरा नाम का इस्तेमाल करके पैसे मांगे तो मना कर दीजिए और इसकी जानकारी तुरंत हमे या करीबी पुलिस अफसर जरुर दीजिए.


सोनू सूद ने अपने ट्वीट में जो व्हाट्सएप्प चैट के स्क्रीनशॉट्स साक्षा किये है, उनमें देखा जा सकता है कि पैसा मांगने वाला व्यक्ति खुद को एक्टर सोनू सूद का मैनेजर बता रहा है. पैसे देने के बाद ही मजदूरों को घर भेजने की बात वह कर रहा हैं.

आपको बता दें कि सोनू सूद प्रवासियों कामगारों की 18-18 घंटे काम करके मदद कर रहे हैं. सोनू सूद का कहना है कि जब तक वह हर एक प्रवासी मजदूर को उसके घर तक नहीं पहुंचा देते है तब तक वह चैन से नहीं बैठेंगे. उनकी यह मुहीम अंतिम प्रवासी को घर भेजने तक जारी रहेगी. हाल ही में सोनू ने केरल के एर्नाकुलम में फंसी 177 लड़कियों को एयरलिफ्ट करवाकर उनके घरों तक पहुंचाया हैं.