VIDEO: सदन में बिफरे CM योगी, कहा ज्यादा गर्मी न दिखाओ, वरना ऐसी भाषा में समझाऊंगा…

सदन में सपा के हंगामे पर बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कहा- ज्यादा गर्मी न दिखाएं, जो भाषा समझते हैं वैसा डोज समय-समय पर देता हूं.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं और इसी बेबाकी भरे अंदाज़ में वे कई बार ऐसे बयान भी दे देते हैं जिसके बाद खूब हं’गामा खड़ा हो जाता है। बता दें उत्तर प्रदेश सदन में इन दिनों बजट सत्र चल रहा है ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कई बयान चर्चा में बने हुए हैं।

हाल ही में उन्होंने सदन में विपक्षी पार्टियों के नेताओं द्वारा नीली टोपी, पीली टोपी, हरी टोपी पहने जाने पर बयान दिया था जिसकी खूब चर्चा हुई थी लेकिन अभी उनका एक और नया बयान सोशल मीडिया पर ज’मकर वायरल हो रहा है।

बता दें सदन में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का अभिभाषण हुआ इस दौरान विपक्षी पार्टियों के कई नेताओं ने इसका वि’रोध किया। ऐसे में अगले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी, बहुजन समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विपक्षी पार्टियों के नेताओं पर तरह-तरह की बातें बोल रहे थे जिसकी वजह से पार्टी के नेताओं ने जब आ’प’त्ति जताई तो मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के ते’वर और त’ल्ख हो गए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तल्ख लहजे में कहा कि “सपा के लोग पहले अपना आचरण सुधारें और सुनने की आदत डालें” उन्होंने कहा कि आप लोग सदन की गरिमा को बनाए सीखिए.

मैं जानता हूं कि आप किस तरह की भाषा और किस प्रकार की बात सुनते हैं और उसी तरह का डोज में समय-समय पर देता हूं, सबके पेट का द’र्द दूर कर दूंगा।

सदन में मुख्यमंत्री के इतना कहते ही सपा के सांसद आ’ग ब’बूला हो गए और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भा’षण पर हं’गामा करने लगे।

सपा के लोगों के हं’गामा करते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी गु’स्से में आ गए और उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि “यहां गर्मी दिखाने की आवश्यकता नहीं है।

यह सदन है ,सदन की म’र्यादा का पालन कीजिए और पालन करना सीखिए। जो जिस भाषा को समझेगा उसे उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा, बोलते हैं तो सुनने की भी आदत डाल दीजिए”।

पुणे (महाराष्ट्र) की रहने वाली 'बुशरा त्यागी' पिछले 5 वर्षों से एक Freelancer न्यूज़ लेखक (Writer) के तौर पर कार्य कर रही हैं। 16 साल की उम्र से ही इन्होंने शायरी, कहानियाँ, कविताएँ और आर्टिकल लिखना शुरू कर दिया था।