पीएमसी बैंक के बाद रिजर्व बैंक ने एक और सहकारी बैंक को दिया झटका, बैंक के बाहर ग्राहकों का हंगामा

नई दिल्लीः भारतीय रिजर्व बैंक ने पंजाब एवं महाराष्ट्र को ऑपरेटिव बैंक के बाद 10 जनवरी को शाम से श्री गुरू राघवेंद्र को ऑपरेटिव बैंक को भी ग्राहकों द्वारा बैंक से पैसे निकालने की सीमा तय कर दी है। यह बैंक कर्नाटक की राजधानी बैंगलूरू में है। जिससे बैंक के ग्राहकों में घबराहट हो गयी है। बताया जा रहा है कि आरबीआई के आदेशानुसार बैंक के ग्राहक अब अपने खाते से पैंतीस हजार रूपय से ज्यादा कि निकाशी नहीं कर सकते हैं।

बैंगलुरू के श्रीगुरू राघवेंद्र को ऑपरेटिव बैंक के खातों से पैसे निकासी की सीमा तय होने के बाद बैंक के बाहर मंगलवार को काफी संख्यां में लोगों की भीड़ जुट गई। बैंक में जमा अपने पैसे को लेकर लोग परेशान है। खासकर वरिष्ठ नागरिक अपनी जमा धनराशि को लेकर चिंतित है। वो बैंक से पुछ रहे हैं कि ये स्थिति कब ठीक होगी।

आरबीआई ने निकासी सीमा 35000 तय की

बैंक के ग्राहकों के मुताबिक एक प्रतिशत उंचे ब्याज को देखते हुए यहां पैसे जमा किया था। बैंक के द्वार ग्राहकों के सवाल का बैंक द्वारा जवाब नहीं मिलने के कारण ग्राहक नाराज हैं। उधर श्री गुरू राघवेंद्र को ऑपरेटिव बैंक अधिकारियों ने कहा है कि ग्राहकों का पैसा सुरक्षित है। उन्हें चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।

बैंक अधिकारी ने कहा कि सोमवार को ग्राहकों के साथ बैठक होना था लेकिन किसी कारण बस नहीं हो पाया। अब हम 19 जनवरी को बैठक कर सकते हैं। इस मामले को लेकर बैंगलुरू दक्षिण से सांसद तेजस्वी सूर्या ने एक ट्वीट कर कहा कि वित्त मंत्री को इस स्थिति के बारे में जानकारी दी गई है। वह इस मुद्दे को देख रही हैं। बैंक के ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं हैं।

उधर सांसद कार्यालय के द्वार जारी बयान में रिजर्व बैंक के गवर्नर से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की बात करने की बात कही। रिजर्व बैंक के द्वारा यह अंकुश पिछले तीन महीने में बैंक को 350 करोड़ का ऋण भुगतान में चूक या डिफॉल्ट का सामना करने के बाद लगाया गया है।

बैंक के कुछ ग्राहकों ने इस बैंक की तुलना मुंबई के संकटग्रस्त पंजाब एवं महाराष्ट्र बैंक से की है।