VIDEO: हिंदुत्व के ठेकेदार सुदर्शन चैनल की करतूतें उजागर, खुफिया बेडरूम में चलता था ये काम

सुदर्शन न्यूज़ के मालिक सुरेश चव्हाणके इन दिनों खबरों में बने हुए हैं. सुरेश चव्हाणके के न्यूज़ चैनल में काम करने वाली उनकी यह महिला सहकर्मी ने उन पर गं’भीर आरोप लगाए हैं. खुद को प्रखर राष्ट्रवादी बताने वाले चव्हाणके पर महिला मीडियाकर्मी द्वारा यौ#न शो’षण के आरोप लगाए हैं. इस लेकर एक ऑडियो भी सामने आया है जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा हैं. वहीं महिला मीडियाकर्मी द्वारा नोएडा के सेक्टर छह थाने में लिखित शिकायत भी दी हैं.

महिला ने ऑडियो और कुछ वीडियो टेप भी पुलिस के सामने पेश किये हैं जिसके बाद चव्हाणके के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया हैं. यह ऑडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल किया जा रहा हैं.

आपको बता दें कि यह मामला काफी पुराना हैं, महिला द्वारा साल 2016 में चव्हाणके के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. लेकिन सोशल मीडिया के अनुसार सुरेश चव्हाणके ने अपनी ऊपर तक की पहचान का फायदा उठाकर इस मामले को ज्यादा आगे बढ़ने नहीं दिया और इसे रफा दफा करा दिया गया.

बता दें कि चैनल के सीएमडी सुरेश चव्हाणके पर छह तक तक उनकी पर्सनल सेक्रेट्री रही महिला द्वारा आरोप लगाए गए थे. महिला ने चव्हाणके पर धोखा’धड़ी, उत्पी’ड़न, शोष’ण और प्रता’ड़ना जैसे गंभीर लगाए थे.

महिला ने अपने फेसबुक के जरिए दावा किया था कि चव्हाणके द्वारा सुदर्शन न्यूज़ में महिलाओं का शारीरिक शो’षण किया जाता हैं. चैनल धर्म के नाम पर अपनी दुकान चलता हैं. उन्होंने लोगों से न्याय दिलाने की गुहार लगाते हुए कहा कि कब तक ऐसे ढों’गी लोगों द्वारा समाज में इस तरह के घिनौने अपराध पनपते रहेंगे.

इतना ही नहीं पीड़िता ने यह दावा भी किया था कि उसके पास चव्हाणके के काले कारनामों का कच्चा चिट्ठा है जिसे वो कोर्ट के सामने पेश करेंगी. लेकिन एक धर्म आधारित चैनल के मालिक के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने बेहद नकारात्मक भूमिका निभाई.

पीड़िता ने दावा किया था कि अगर सुदर्शन चैनल के मालिक के खिलाफ निष्पक्ष जांच कराई जाती हैं तो उसकी जैसी और भी कई पीड़िता सामने आ सकती हैं और चव्हाणके के कर्मों का पर्दाफाश हो सकता है.

आपको बता दें कि इस मामले में कई वीडियो सामने आए थे. इन वीडियो में चव्हाणके के ऑफिस केबिन में छिपा हुआ बेडरूम देखने को मिला था. इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद भी एक लम्बे वक्त तक चव्हाणके के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई थी. बता दें कि यह ऑडियो पुराना हैं लेकिन सुरेश चव्हाणके द्वारा यूपीएस जिहा’द को लेकर की गई टिप्पणी के बाद एक बार फिर से वायरल होने लगा हैं.

वही इस मामले को लेकर आईपीएस एसोसिएशन, जो भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों का केंद्रीय समूह है, उन्होंने अपने ट्वीट में इसे सांप्रदायिक और गैर ज़िम्मेदाराना पत्रकारिता कहा और इसकी निंदा भी की है.