बड़ी खबर: कोरोना का कहर- सुप्रीम कोर्ट का देशभर की जेलों को निर्देश जेल में बंद कैदियों को...

बड़ी खबर: कोरोना का कहर- सुप्रीम कोर्ट का देशभर की जेलों को निर्देश जेल में बंद कैदियों को…

नई दिल्ली: देश भर में फैले कोरोना वायरस के संक्रमण का असर जेल प्रशासन पर भी देखने को मिल रहा है. जेलों में कोरोना संक्रमण से निपटने और संक्रमण की स्थिति में निपटने के लिए देश की सबसे बड़ी अदालत ने अभूतपूर्व कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट ने देशभर की जेलों में कैदियों की भीड़ कम करने के लिए अंदर ट्रायल और सात साल से कम सजा काट रहे कैदियों की रिहाई का आदेश दिया है।

आपको बता दें सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को आदेश देते हुए एक उच्चाधिकार समिति गठित करने को कहा है जो तय करेगी कि किस श्रेणी के अपराधियों को तत्काल अंतरिम जमानत या पेरोल पर रिहा किया जा सकता है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि सात साल से कम सजा पाए कैदियों को जमानत पर रिहा किया जा सकता है।

News 24 की खबर के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों के होने और ऐसे में कोरोना संक्रमण की आशंका से निपटने के लिए स्वतः संज्ञान लेते हुए जारी किया है। इस मामले में कोर्ट ने 20 मार्च को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी किया था।

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि जेलों में संक्रमण रोकने के लिए सभी जरूरी एहतियात बरते जा रहे हैं। तुषार मेहता ने कहा कि चिंता, विदेश कैदियों से है जो नारकोटिक्स इत्यादि मामलों में जेल जा रहे हैं।

वही कोरोना वायरल को लेकर सरकार द्वारा उठाए गए कदम की तारीफ करते हुए मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बोबडे ने कहा कि- सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। उसके आलोचक तक यही कह रहे हैं। सरकार को उसका काम करने देना चाहिए।

मुख्य न्यायाधीश ने यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई के दौरान कही जिसमें मांग की गई थी कि कोर्ट सरकार को कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए तत्काल और पर्याप्त कदम उठाने का निर्देश दे।

वही सुप्रीम कोर्ट परिसर में वकीलों के चैंबर में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए एहतियात बरतते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कल शाम पांच बजे से सभी चैंबर बंद करने का आदेश दिया है।

24 viral page की हाथ जोड़कर अपील- आप दुनिया के लिए महज एक व्यक्ति हैं, लेकिन आप अपने परिवार के लिए पूरी दुनिया हैं. लिहाजा कोरोना के जानलेवा संक्रमण से अपना और अपने परिवार का बचाव करें। साथ ही सरकार और डॉक्टरों के द्वारा बताए गए सुझाव और नियमों की बिलकुल भी अनदेखी न करें।

(कृपया मामले की गंभीरत को समझें)

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