बड़ी खबर: सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट का केंद्र सरकार को शख्त आदेश- नहीं होगा कोई निर्माण

सेन्ट्रल विस्टा प्रोजेक्ट मामले में केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट का आदेश कहा- जब तक हम कोई फैसला ना सुना दें, तबतक कोई निर्माण या तोड़फोड़ नहीं होनी चाहिए।

नई दिल्ली, 7 दिसम्बर 2020: नए संसद भवन के सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट (Central vista project) के तरीके पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने नाराजगी जताई है। इस मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत कोई कंस्ट्रक्शन, तोड़फोड़ या पेड़ काटने का काम तब तक नहीं होना, जब तक कि पेंडिंग अर्जियों पर आखिरी फैसला न सुनाया जाए। हलाकि सुप्रीम कोर्ट ने शिलान्यास पर रोक नहीं लगाई है।

वही दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सालिसिटर जनरल से पूछा कि आपने प्रेस रिलीज जारी कर निर्माण की तारीख तय की है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा फिलहाल इसपर कोई काम नहीं होगा। शिलान्यास से हमें कोई परेशानी नहीं है, लेकिन कोई निर्माण का काम आगे नही होना चाहिए।

Parliament House

वही सुप्रीम कोर्ट की सख्ती से केंद्र सरकार झुक गई है. सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में कोई निर्माण नहीं होगा. केंद्र ने अदालत में कहा कि सिर्फ शिलान्यास करेंगे. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि निर्माण, तोड़फोड़ या पेड़ नहीं काटेंगे. शुरुआत में ही कोर्ट ने बोल दिया था कि हम स्टे नहीं दे रहे हैं।

उन्होंने कहा की अगर आप जो भी करेंगे वो हमारे आदेशों के अधीन ही होगा. उन्होंने कहा की बेहतर होगा कि आप इस मुद्दे पर ध्यान रखें. शीर्ष न्यायालय ने कहा कि केंद्र कागजी कार्रवाई के साथ आगे बढ़ सकता है, लेकिन एक बार जब ढांचा खड़ा हो गया तो पुरानी स्थिति बहाल करना बहुत मुश्किल हो जाएगा।

आपको बता दें लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 दिसंबर को दिल्ली में संसद भवन की नई बिल्डिंग का भूमि पूजन करने जा रहे है। साथ ही बिड़ला ने यह भी कहा था कि 2022 में देश की आजादी के 75 साल पूरे होने पर हम नए संसद भवन में दोनों सदनों के सेशन की शुरुआत करेंगे।

लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने बताया कि नए भवन में लोकसभा सांसदों के लिए करीबन 888 और राज्यसभा सांसदों के लिए 326 से ज्यादा सीटें होंगी। वही पार्लियामेंट हॉल में 1,224 सदस्य एक साथ बैठ सकेंगे।

आपको बता दें सरकार ने राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट के बीच नई इमारतें बनाने के लिए सेंट्रल विस्टा का मास्टर प्लान तैयार किया है। इसी इलाके में सेंट्रल सेक्रेटेरिएट के लिए 10 बिल्डिंग बनाई जाएंगी। राष्ट्रपति भवन, मौजूदा संसद भवन, इंडिया गेट और राष्ट्रीय अभिलेखागार की इमारत को वैसा ही रखा जाएगा।