तब्लीगी जमात पर रिपब्लिक TV ने फिर लगाए घिनौनी आरोप, फरीदाबाद पुलिस ने जमकर लगाई फटकार

देश भर में पिछले काफी समय से कोरोना वायरस के चलते हंडकंप मचा हुआ है. कोरोना वायरस के चलते देश भर में लॉकडाउन भी लगाया गया है. इस बीच कुछ समय पहले ही तब्लीग़ी जमातियों पर कोरोना फ़ैलाने का आरोप लगाया जाने लगा था. कई बड़े मीडिया घरानों ने तो मानों फैसला ही सुना दिया था कि जमाती ही कोरोना फ़ैलाने के पीछे की वजह है. इसके बाद पुलिस ने कई जमातियों को गिरफ्तार भी किया था.

लेकिन ढेर सारे राष्ट्र विरोधी आरोपों के बीच अदालतों से गिरफ्तार किये गए तब्लीग़ी जमातियों को एक ही बार में निजी मुचलकों पर रिहा कर दिया. लेकिन इसके बाद भी गोदी मीडिया इसे लेकर देश को गुमराह करने वाली खबर फैलाने में लगी हैं. रिपब्लिस टीवी ने भी कल एक पुरानी खबर चलाई जिसके बाद उन्हें पुलिस ने खूब खरी-खरी सुनाई.

आपको बता दें कि अभी तक सिर्फ मेरठ और शाहजहाँपुर जैसे गिने-चुने ज़िलों में ही ऐसे विदेशी तब्लीग़ियों को अदालतों ने रिहा नहीं किया है जिनकी वीज़ा अवधि खत्म हो गई हैं बाकि सभी अदालतों से रिहा हो चुके है और जमात का यह मामला भी थम गया है. लेकिन रिपब्लिक और अन्य कुछ चैनल भी भी जमाती को टारगेट करके हिंदू-मुस्लिम करने पर तुले है.

रिपब्लिक टीवी भी लगातार जमातियों के खिलाफ जहर उगल रही है. ऐसा ही कुछ कल किया गया. रिपब्लिक भारत ने कल एक पुरानी खबर का पुनःप्रसारण करते हुए उसे नई खबर बनाकर चलाया और फिर से देश को गुमराह करने का प्रयास किया. चैनल ने इस पुरानी खबर को ब्रोकिंग न्यूज़ बनाकर चलाया.

जिसे लेकर हरियाणा की फरीदाबाद पुलिस ने रिपब्लिक भारत को जमकर फटकार लगाई है. फरीदाबाद पुलिस ने ट्वीटर पर किये गए अपने ट्वीट में कहा कि Republic_Bharat पर आज ब्रेकिंग न्यूज़ के तौर पर एक खबर चलाई गई जो पुरानी है.

रिपब्लिक भारत ने खबर चलाई कि इंडोनेशिया व फिलिस्तीनी मरकज जमाती को फरीदाबाद पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया है. जबकि यह दोनों 12 मई को गिरफ्तार किये गए थे और इन्हें 19 मई को कोर्ट द्वारा रिहा कर दिया गया. पुलिस ने आगे कहा कि कृप्या जानबूझकर पुरानी ख़बरों को ब्रेकिंग न्यूज़ करके ना चलाए और दर्शको को गुमराह ना करे.