सारी दुनिया में कोरोना का कोहराम पर ताइवान ने कसी नकेल, जानें कैसे इस प्रकोप पर पाया काबू

नई दिल्लीः चीन से शुरू हुआ कोरोना वायरस (Corona virus) अब तक 132 देशों में पहुंच चुका है और दुनिया भर में करीब डेढ़ लाख से भी ज्यादा लोग इसकी चपेट में है। कोरोना वायरस से मचे कोहराम के बीच प्रख्यात अर्थशास्त्री स्वामीनाथन अय्यर ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर इस वायरस का प्रकोप एक साल तक काबू में नहीं आया तो भारत सहित सारी दुनिया बहुत बड़ी मुसीबत में फंस जाएगी।

हलाकि चीन से शुरू हुआ कोरोना वायरस अब तक 132 देशों में पहुंच चूका है. लेकिन चीन के करीब स्थित ताइवान पर इसका इतना असर नहीं दिखा है। जनवरी में जब कोरोना का संक्रमण शुरू हुआ था तब जानकारों का मानना था कि चीन के बाद सबसे ज्यादा मामले ताइवान में ही देखने को मिलेंगे।

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लेकिन चीन में जहां 80 हजार से भी ज्यादा मामले सामने आए हैं, तब ताइवान ने इसे मात्र 47 पर ही रोक दिया। जानकारों का कहना है कि ताइवान ने जिस फुर्ती के साथ वायरस की रोकथाम के लिए कदम उठाए, यह उसी का नतीजा है।

वही अमेरिका की स्टैनफॉर्ड यूनिवर्सिटी के डॉक्टर जेसन वैंग का कहना है कि ताइवान ने बहुत जल्दी ही इस मामले की गंभीरता को पहचान लिया था, 2002 और 2003 में सार्स एपिडेमिक के बाद ताइवान ने नेशनल हेल्थ कमांड सेंटर स्थापित किया।

दरअसल ताइवान ने नेशनल हेल्थ कमांड सेंटर को अगली महामारी से निपटने के लिए बनाया गया था। चीन में जैसे ही कोरोना पीड़ितों के मामले बढ़ने लगे ताइवान ने बिना देर करते हुए चीन, हांगकांग और मकाउ पर ट्रैवल बैन लगा दिया।

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इतना ही नहीं, ताइवान की सरकार ने सर्जिकल मास्क के निर्यात पर भी रोक लगा दी ताकि देश में इसकी कमी ना हो सके। डॉक्टर वैंग ने कहा, सरकार ने अपने संसाधनों को बहुत सोच समझ कर इस्तेमाल किया है।

ताइवान की सरकार ने नेशनल हेल्थ इंश्योरेंश, इमिग्रेशन और कस्टम के डाटा का समाकलन किया। लोगों की ट्रैवल हिस्ट्री को इससे जोड़ कर मेडिकल अधिकारी पता लगा पाए कि किन-किन लोगों को संक्रमण हो सकता है।

इन सब में सबसे बड़ी बात यहां कि ताइवान की सरकार ने ऐसे ऐप भी तैयार किए जिनके जरिए लोग देश में प्रवेश करते वक्त क्यूआर कोड को स्कैन कर अपने लक्षण और अपनी यात्राओं की जानकारी दे सकें।

हलाकि इसके बाद इन लोगों के फोन पर एक मैसेज भेजा जाता जिसे वे कस्टम अधिकारियों को दिखाते। अधिकारी इस तरह से पहचान कर पाते कि किसे प्रवेश करने देना है और किस पर नजर रखनी है।