अपनी ह’त्या होने की आशंका जताने वाले पत्रकार तरुण सिसोदिया ने की आ’त्मह’त्या? मौ’त पर उठे कई सवाल, जांच की मांग

दैनिक भास्कर के पत्रकार तरुण सिसोदिया ने सोमवार की शाम को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स की चौथी मंजिल से कूद कर आ’त्मह’त्या कर ली हैं. बताया जा रहा है कि पत्रकार कोरोना पॉजिटिव थे इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया. उनका एम्स में इलाज चल रहा था. लेकिन पत्रकार की मौ’त को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है, उनके साथी पत्रकारों ने ह’त्या की आशंका जताते हुए उनकी मौ’त पर न्यायिक जांच की मांग की है.

इस मामले को लेकर पत्रकारों ने दिल्ली के प्रेस क्लब में शांतिपूर्ण प्रदर्शन भी किया है. वहीं दिल्ली के भजनपुरा के रहने वाले तरुण सिसोदिया की मौ’त पर स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने गहरा दुःख जाहिर करते हुए एम्स को एक कमेटी गठित करके इस मामले की जांच करने के आदेश जारी कर दिये हैं.

इसी बीच सोशल मीडिया पर एक व्हाट्सऐप ग्रुप चैट का स्क्रीनशॉट वायरल होने लगा है. जिसमें दावा किया जा रहा है कि दैनिक अखबार के पत्रकार तरूण सिसोदिया ने अपनी मौ’त से पहले ही उनकी ह’त्या की जा सकती हैं ऐसी आशंका जताई थी.

व्हाट्सऐप ग्रुप में तरुण की मौ’त से पहले हुई बातचीत के दौरान किसी ने उसने पूछा था कि क्या हुआ तरुण जी..आपकी तबियत तो ठीक है न? इसके बाद कुछ और पत्रकारों ने भी उनसे हलचल पूछे.

जिसके जवाब में तरुण ने लिखा कि अच्छा नहीं हूं मेरी ह’त्या हो सकती है. इस चैट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर हडकंप मच गया है.

तरुण को लेकर बताया जा रहा है कि वह कोरोना वायरस से संक्र’मि’त थे और उन्होंने एम्स में अपने इलाज के दौरान हॉस्पिटल की कई खामियों को लेकर आवाज़ उठाई थी. उनकी शिकायत मंत्रालय तक पहुंच गई थी. जिसके बाद उन्हें बिना किसी वजह के आईसीयू में रख दिया गया था.

इतना ही नहीं उनका उनके परिवार से संपर्क भी पूरी तरह से ख’त्म कर दिया गया औऱ उनसे फोन भी ले लिया गया था ताकि वो किसी से सम्पर्क ना कर सकें. इसके बाद अब उनकी ह’त्या  की आशंकाएं जताई जा रही है और सोशल मीडिया पर कई पत्रकार इस मामले को लेकर कई सवाल खड़े कर रहे है.

इसी कड़ी में पत्रकार मुकेश केजरीवाल ने भी ट्वीट करके कहा कि दैनिक भास्कर के हेल्थ रिपोर्टर की एम्स दिल्ली में हुई मौ’त को आ’त्मह’त्या बताया जा रहा है. लेकिन उन्होंने अपनी ह’त्या की आशंका जताई थी‌. उन्होंने हॉस्पिटल में चल रही बहुत-सी गड़बड़ियों की भी शिकायत की थी.

वहीं पत्रकार शिशिर सोनी ने ट्वीट किया कि 5 दिन से उसे ऑक्सीजन की ज़रूरत नहीं थी वो इसके बिना चल रहा था तो फिर उसे आईसीयू में क्यों रखा गया? जब वो आईसीयू में भर्ती थे तो फिर चौथे मंजिल पर कैसे पहुंच गए? पांच दिन से वो परिवार से बात करना चाह रहे थे पर उनकी बात नहीं कराई गई क्यों? और उनसे मोबाइल क्यों छीना गया?