बिहार चुनाव: क्या भाजपा ने जल्दबाज़ी तो नहीं कर दी, तेजस्वी अभी भी पाँसा पलट सकते हैं?

तेजस्वी यादव ने अभी भी नहीं छोड़ी सीएम बनने की आस, पार्टी सूत्रों ने मुकेश सहनी को दिया डिप्टी सीएम का ऑफ़र, तो वही पुराने साथी जीतनराम मांझी से भी साधा संपर्क।

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद से ही सियासी घमासान शुरू हो गया है. हलाकि परिणामों में महागठबंधन बहुमत के करीब आकर रुक गया है. लेकिन तेजस्वी यादव ने अभी मुख्यमंत्री बनने की आस नहीं छोड़ी है. राजद नेता इसके लिए एनडीए के दो छोटे घटक दलों से संपर्क में है. हलाकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी नीतीश कुमार को नसीहत देते हुए कहा की भाजपा-संघ की विचारधारा को छोड़कर तेजस्वी को आशीर्वाद दे दीजिए।

दिग्विजय सिंह का कहना है कि देश को बर्बा’द होने से बचाने के लिए नीतीश कुमार को बीजेपी का साथ छोड़ कर तेजस्वी यादव का साथ देना चाहिए, आपको बता दें बिहार विधानसभा चुनावों के नतीजे घोषित होने के बाद बुधवार सुबह में दिग्जिवय सिंह ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए। इसमें उन्होंने बिहार चुनाव को लेकर अपनी बात कही थी।

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वही जनसत्ता की खबर के अनुसार, पार्टी सूत्रों का कहना है कि राजद ने विकासशील इनसान पार्टी के मुकेश सहनी और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के जीतन राम मांझी से संपर्क किया है. सूत्र ने स्वीकार किया कि राजद को फ़िलहाल कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है लेकिन पार्टी का कहना है कि हमारे रास्ते खुले रहेंगे।

राजद सूत्र ने यह भी कहा है, कि मुकेश सहनी को डिप्टी सीएम बनना चाहते हैं और पार्टी उन्हें यह पद दे सकती है, आपको बता दें तेजस्वी यादव की अगुआई वाले पांच दलों का महागठबंधन को इस चुनाव में 110 सीटें मिली हैं।

महागठबंधन को सरकार बनाने के लिए 12 और विधायकों की जरूरत है, ऐसे में पार्टी सूत्र का कहना है कि इन दोनों दलों के साथ आने के बाद अगर ओवैसी की AIMIM पार्टी को अपने साथ कर लेती है तो उनके पास बहुमत के लायक पूरी संख्या हो जाएगा। और प्रदेश में महागठबंधन की सरकार बन जाएगी।

बता दें मुकेश सहनी और जीतन राम मांझी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले महागठबंधन का साथ छोड़ नीतीश कुमार की अगुआई वाले एनडीए दल में शामिल हो गए थे। हलाकि वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी खुद इस बार सिमरी बख्तियारपुर सीट से चुनाव हार गए हैं. वहीं, जीतनराम मांझी की पार्टी को 4 सीटों पर जीत मिली है।

साथ ही असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने सीमांचल इलाक़े से पांच सीटों पर जीत दर्ज की है. वही राजद के एक सूत्र ने कहा कि प्रयास करने में क्या दिक्क्त है. अगर वीआईपी और एचएएम (एस) हमारे पास आते हैं, तो हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि उन्हें बहुत अच्छा फायदा मिल सकता है, जो एनडीए उन्हें दे सकता।