देश के अन्नदाताओं पर हो रही तानाशा’ही, प्रदर्शनकारी किसान होंगे जेल में बंद, दिल्ली के 9 स्टेडियम में बन रही अस्थायी जेल

दिल्ली में एंट्री पर अड़े पंजाब और हरियाणा के आंदोलनकारी किसान, किसानों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने भारी फोर्स तैनात की है।

नई दिल्लीः देश में कोरोना और किसान आंदोलन साथ साथ बढ़ रहा है। सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ पजाव और हरियाणा के किसान सड़कों पर उतर आये है. ऐसे में दिल्ली पुलिस ने सड़कों पर उतरे किसानों को जेल बंद करने के लिए केजरीवाल सरकार से गुहार लगाई है। दिल्ली पुलिस केजरीवाल सरकार से मांग राखी है कि दिल्ली में स्टेडियम को अस्थायी जेल में बदला जाए।

आपको बता दें दिल्ली पुलिस ने दिल्ली के अंदर ऐसे 9 स्टेडियम को चुना है जिनको जेल में तब्दील कर आंदोलन कर रहे किसानों को सड़कों से हटाकर इनमें बंद किया जाएगा आपको बता दें, देशभर के किसान केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। गुरुवार को हरियाणा के पानीपत टोल प्लाजा पर किसानों को रोकने के बाबजूद किसान दिल्ली की तरह कूच कर गए ऐसे में पुलिस ने प्रदर्शनकारी किसानों पर आं’सू गैस के गो’ले छो’ड़े।

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इसी बीच सिंधु बॉर्डर पर सैकड़ो किसानों और पुलिस के बीच भिड़ंत भी हो गई है, सड़कों किसानों को रोकने के लिए कई जगहों पर बैरिकेडिंग भी लगे दिखाई पड़े लेकिन इस सबके बाबजूद भी किसानों की ‘दिल्ली चलो’ रैली आगे बढ़ती दिखी दी, बता दें 50 हज़ार किसानों की दिल्ली पहुचंने की योजना है। कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब, हरियाणा और उतर प्रदेश के किसान मिलकर यह रैली निकाल रहे हैं।

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इस रैली अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति, राष्ट्रीय किसान महासंघ, भारतीय किसान यूनियन भी साथ चल रही है। किसान बड़ी संख्या में दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं और वापस जाने से मना कर रहे हैं, ऐसे में दिल्ली पुलिस ने भी अपनी तैयारी तेज़ कर दी हैं, इसमें दिल्ली की सभी सीमाओं को सील कर दिया गया है तथा भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किया है।

वही किसानों के प्रदर्शन के कारण हाइवे पर जाम की स्तिथी बनी हुई है, हर वाहन की तलाशी ली जा रही है। किसानों के आंदोलन को देखते हुए कई मेट्रो स्टेशन भी बंद कर दिए गए है। हालांकि दिल्ली पुलिस ने किसानों के इस प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी है।

पँजाब हरियाणा से चले किसान दिल्ली बॉर्डर के करीब हैं कल सुबह सिंधु बॉर्डर पर किसानों और पुलिस के बीच बहस हुई पंरतु किसानों ने वापस जाने से मना कर दिया। प्रदर्शनकरी किसान दिल्ली के रामलीला मैदान जाने पर अड़े हुए हैं, वहीं कृषि मंत्री किसान सिंह तोमर ने किसानों को तीन दिसंबर को बातचीत के लिए बुलाया है।