अयोध्या में इंतजार खत्म, कैसी होगी ‘अयोध्या’ में बनने वाली ‘मस्जिद’ सामने आया ‘ब्लूप्रिंट’, बहुत कुछ अलग होगा

अयोध्या (Ayodhya Mosque) में बनने वाली मस्जिद (Mosque) का डिजाइन तैयार, देखिये कैसी बनेगी (Masjid) मस्जिद और सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल (Hospital) तथा संग्रहालय (The Museum)

पिछले कई सालों से चले आ रहे अयोध्या ( Ayodhya) में राम जन्म भूमि और बाबरी मस्जिद (Babri Masjid) विवा’द आखिरकार ख़त्म हो गया पिछले साल 9 नवम्बर 2019 को सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए विवा’दित जमीन को हिंदु पक्ष को मंदिर (Ram Mandir) निर्माण के लिए सोप दी वहीं कोर्ट ने योगी सरकार को मुस्लिम पक्ष के लिए अयोध्या में 5 एकड़ भूमि देने का फैसला सुनाया था।

वही कोर्ट के आदेश के बाद योगी सरकार ने अयोध्या से 30 किलोमीटर दूर सोहावल तहसील के धनीपुर गांव (Dhannipur Masjid) में मस्जिद (Masjid) निर्माण के लिए 5 एकड़ भूमि दी गई थी। वही शीर्ष अदालत ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को राम मंदिर बनाने के लिए तीन महीने में ट्रस्ट बनाने के निर्देश दिए हैं। ट्रस्ट बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अगस्त 2020 को अयोध्या में राम मंदिर के लिए आधारशिला रखी थी।

(Dhannipur Mosque) का ब्लू प्रिंट जारी करेगा सुन्नी वक्फ बोर्ड:-

Indo Islamic Cultural Foundation

अब अयोध्या में मस्जिद बनने का इंतजार खत्म हो गया है। इस मस्जिद का ब्लू प्रिंट जारी हो चूका है। वही मस्जिद ट्रस्ट के सदस्य अतहर हुसैन ने बताया, कि ट्रस्ट ने 26 जनवरी 2021 को अयोध्या मस्जिद की आधारशिला रखने का फैसला किया है। और यही नहीं इस जमीन पर मस्जिद के साथ एक सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, इंडो इस्लामिक सेंटर और एक सामुदायिक रसोईघर के साथ संग्रहालय बनाने की भी योजना है।

आपको बता दें कि अयोध्या राम मंदिर विवा’द पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मुस्लिम समुदाय को अयोध्या से 30 किलोमीटर दूर सोहावल तहसील के धनीपुर गांव में मस्जिद निर्माण के लिए 5 एकड़ भूमि दी गई थी.जिस पर बोर्ड ने मस्जिद के साथ अस्पताल लाइब्रेरी और इंडो इस्लामिक सेंटर बनाने का फैसला किया है . इसके साथ ही इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन का गठन भी किया गया।

रब अल हिज्ब:-

ayodhya masjid

जिसके बाद मस्जिद की डिजाइन का काम यह फाउंडेशन ही देख रहा है जानकारी के अनुसार धनीपुर मस्जिद का डिजाइन तैयार हो गया है। और जल्द ही जारी किया जाएगा. सुन्नी वक्फ बोर्ड द्वारा गठित इंडो इस्लामिक कल्चर फाउंडेशन का ऑफिस लखनऊ के बर्लिंगटन स्क्वायर में है. फाउंडेशन में अभी 9 सदस्य शामिल है हालांकि इस में सदस्यों की संख्या 15 तक हो सकती है।

सुन्नी बफ्फ बोर्ड द्वारा मस्जिद, लाइब्रेरी और अस्पताल निर्माण कार्य के लिए इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन का गठन किया है जिसका लोगो इस्लामी प्रतीक रब अल हिज्ब है जिसका अर्थ होता है एक समूह या पार्टी।

2000 लोग एक साथ कर सकेंगे नमाज अदा:-

इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के सचिव अतहर हुसैन से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि मस्जिद का निर्माण पुराने तरीके से ना होकर आधुनिक शैली में होगा मस्जिद की इमारत से मानवता और इस्लामिक मूल्यों की झलक दिखेगी।

मस्जिद निर्माण के लिए दी गई 5 एकड़ भूमि में से मस्जिद सिर्फ 15,000 वर्ग फीट जगह में बनेगी बाकी जगह में अस्पताल और संग्रहालय बनेंगे। मस्जिद बिल्कुल आधुनिक शैली में बन रही है जो दूर से देखने पर फुटबॉल जैसी दिखेगी।

इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के अनुसार मस्जिद के अंदर एक साथ दो हजार लोग नमाज अदा कर सकेंगे मस्जिद के अंदर 1400 वर्ग फीट का एरिया नमाज अदा करने वालों के लिए ही होगा।

आपको बता दें अयोध्या में यह मस्जिद काफी अहम बताई जा रही है हालांकि अभी इस मस्जिद का नाम तय नहीं हो पाया है। लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि मस्जिद का नाम इमामे ए हिंद हो सकता है।