JNU हिं’सा: पांच जनवरी का असल ‘मास्टरमाइंड’ वीसी जगदीश कुमार- रिपोर्ट में दावा

नई दिल्लीः: रविवार 5 जनवरी को JNU में हुए हिं’सा को लेकर कांग्रेस पार्टी ने दावा किया है कि हिं’सा का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर हीं है। बता दे कि 5 जनवरी को जेएनयू में भारी संख्या में हिं’सा हुई थी। और इस हिं’सा में कैंपस के अंदर कुछ नकाबपोशों ने लाठी-डंडों से छात्रों और शिक्षकों की जमकर पि’टाई कर दी थी। इस मा’रपी’ट में 30 से ज्यादा छात्र और शिक्षक घायल हुए थे। कई को इनमें से गंभीर चोटें भी आई थी।

अब इसी मामले को लेकर कांग्रेस की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में ये दावा किया है कि जेएनयू में हुए हिं’सा के पिछे यूनिवर्सिटी के वीसी एम जगदीश कुमार का हाथ है। कमेटी ने जगदीश कुमार को बर्खास्त करने और उनके खिलाफ आ’परा’धिक जांच शुरू करने की मांग की है।इस हमले की सच्चाई को उजागर करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने कुछ सदस्यों की एक कमेटी बनाई थी। इस कमेटी की अध्यक्ष सुष्मिता देव थीं।

वही द वायर हिंदी में छपी खबर के अनुसार इस दावा किया है कि जेएनयू में हुए यह हिं’सा प्रायोजित थी। और छात्रों तथा शिक्षकों को प्लान के द्वारा निशाना बनाया गया था। सुष्मिता देव ने एक ट्वीट कर कहा कि जेएनयू के वीसी चाहते थे कि पिछले वर्ष 12 दिसंबर को होने वाली परीक्षा व्हाट्सएप और मेल पर हो। अगर ऐसे परीक्षा होती है तो यह कैसै पता लगाया जा सकता है की कौन प्रशनों के उत्तर लिख रहा है।

इसके अलावा सुष्मिता देव ने जेएनयू छात्र संघ की एक चिट्ठी भी अपने अकाउंट पर डाली है। इस लेटर में यह दावा किया गया है कि वीसी चाहते थे कि सभी प्रश्न छात्रों को भेजा जाए। वो यह भी चाहते थे कि छात्र इसका जवाब अपने घर या हॉस्टल के कमरे में बैठ कर लिखें। ओरल परीक्षाएं भी इसी तरह लिए जाने की योजना थी।

सुष्मिता देव ने एक और ट्वीट में लिखा कि सिर 16 टांके पड़ना एक गंभीर बात है। क्या पुलिस ने किसी भी घायल छात्र का बयान दर्ज किया है। जबकि यह किसी भी आ’परा’धिक मामले में सेक्शन 161 के तहत जरूरी है। कि सबसे पहले घा’यलों का बयान दर्ज हो।

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