तब्लीगी जमात को लेकर झूठी खबरें दिखाना पड़ गया इन न्यूज एंकरों को भारी, जा सकते हैं जेल

पूरा देश एकजुट होकर कोरोना वायरस से संघर्ष कर रहा है. देश का हर नागरिक सरकार के बताए गाइडलाइंस के मुताबिक नियमों का पालन कर रहा है लेकिन इस एकता को तोड़ने का प्रयास कुछ दो कौड़ी के मीडिया वाले कर रहे हैं. आज देश के अधिकांश लोग न्यूज चैनलों और उनके पत्रकारों का नाम सामने आते ही गालियों से बात करना शुरु कर देते हैं. ये लोग देश के असल दुश्मन हैं.

जो न्यूज चैनल दिन रात एक वर्ग विशेष के खिलाफ प्लांट और फेक खबरें प्रसारित कर रहे हैं, वो सबसे बड़े देशद्रो’ही है. इन गं’दी ना’ली के की’ड़ों ने जिस तरह से कोरोना की महामा’री में भारत में सां’प्रदायि’कता की महामा’री फैलाना शुरु किया है, वो भारत के लिए बेह’द ख’तरना’क है.

चाइना से आए वायरस के इस्लामीकरण की तैयारी

हमारे देश में कुछ मीडिया चैनल तो ऐसे हैं जो इस बात को साबित करने में जुटे हुए है कि कोरोना वायरस चीन से नहीं आया है बल्कि इसे मुसलमानों ने ही फैला दिया है. ये लोग मुसलमानों को हर बीमारी की जड़ बताने में लगे हुए हैं और सबसे बड़ी बात यह है कि ये लोग छुट्टे सांड की तरह फर्जी खबरें दिखा रहे हैं, भड़काउ डिबेट्स करा रहे हैं और कोई बोलने वाला नहीं.

लगता ही नहीं कि इस देश में कानून नाम की कोई चीज है भी या नहीं. मुस्लिम समाज समेत देश के लिबरल समाज में इस बात को लेकर काफी गम और गुस्सा है. यही वजह रही कि महाराष्ट्र निवासी शोएब शेख अशफाक नामक शख्स ने एबीपी न्यूज के मुख्य संपादक अशोक कुमार, रोमाना इसार खान, रुबिका लियाकत, इंडिया टीवी के रजत शर्मा और जी न्यूज के सुधीर चौधरी पर फर्जी खबरें चलवाने के लिए एफआईआर करवा दिया है.

महाराष्ट्र पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

प्राप्त सूचना के अनुसार इन सभी आरोपी दलाल पत्रकारों पर महाराष्ट्र पुलिस ने 295 ए और 153 ऐ के तहत मामला दर्ज कर लिया है. महाराष्ट्र पुलिस की इस कार्यवाही की बुद्धिजीवी समाज में काफी सराहना हो रही है. काफी समय बाद इस तरह की कार्रवाई देखने को मिली है जब फर्जी न्यूज चलाने वाले इन दलाल पत्रकारों पर मुकदमा दर्ज कराया गया है.

इन सभी पत्रकारों ने मरकज निजामुद्दीन तबलीग की खबरों को बढ़ा चढ़ा कर, मनगढंत तथ्यों को घुसेड़ कर एक कौम को बदनाम करने की कोशिशें की और देश को गुमराह करने की कोशिश की. आपको मालूम हो कि इन चैनलों के इस घटिया हरकत की वजह से पुलिस को भी बीच में आना पड़ा और झूठी खबरों और ट्वीट्स को डिलीट करने का आदेश देना पड़ा.

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