यूएई समेत गल्फ देशों के हजारों भारतीय जल्द आएंगे वापस, सरकारी आदेश का है इंतज़ार

कोरोना वायरस महामारी के बीच पिछले कई दिन से यूएई समेत खाड़ी देश लगातार सुर्खियों में है यूएई, सऊदी, कुवैत, कतर, इन देशों में भारतीय लोग बड़ी तादाद में नौकरी करते हैं. पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर इन सभी देशों को लेकर कई खबरें सामने आ रही हैं. लेकिन अब जो खबर सामने आ रही है उसने पूरी दुनिया को चौंका कर रख दिया है।

केंद्र सरकार गल्फ देशों से भारतीयों को लाने के लिए एक बड़े अभियान की तैयारी कर रही है. आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को कहा कि जहाजों और विमानों के जरिये खाड़ी देशों और अन्य क्षेत्रों में फंसे हजारों भारतीयों को लाया जाएगा सरकार ने इसके लिए कई राज्यों से संपर्क किया है, ताकि भारतीयों की वापसी के बाद उनके स्वास्थ्य की निगरानी के साथ अन्य इंतजाम किए जा सकें।

दरअसल, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में लगभग 9,000 भारतीयों ने COVID-19 महा’मा’री के दौरान भारत वापसी की इच्छा जाहिर की है. और भारतीय मिशनों द्वारा यहां ई-पंजीकरण शुरू करने के 12 घंटे के भीतर अपना विवरण दर्ज किया।

हलाकि गल्फ देशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए भारतीय नौसेना पूरी तरह तैयार है. नौसेना ने तीन नौसैनिक जहाज तैयार किए हैं, जो कोविड-19 लॉकडाउन के बीच खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों को लाने के लिए हरी झंडी मिलते ही रवाना हो सकते हैं. ये जहाज एक बार में 1500-2000 लोगों को ला सकते हैं।

इंडिया टुडे की खबर के अनुसार, भारतीय वायु सेना और एयर इंडिया की उड़ानों के अलावा भारतीय नौसेना को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है ताकि गल्फ में फंसे भारतीयों को वापस लाना हो तो तत्काल एक्शन लिया जा सके।

वही अगर जरूरत पड़ी तो आईएनएस जलश्व के अलावा दो और जहाज तैयार हैं. अधिकारियों के मुताबिक, विदेश से भारतीयों को वापस लाने का ऑपरेशन तीन मई के बाद शुरू होगा और अगर जरूरत पड़ी तो नौसेना को अंतिम विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।

बता दें पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान समेत कई खाड़ी देशों के नेताओं से बात की है. प्रधानमंत्री मोदी ने अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान, कतर के अमीर शेख तमीन बिन हमाद अल थानी, कुवैत के पीएम शेख सबाह अल खालेद और बहरीन के शासक हमाद बिन इसा अल खलाफी से भी चर्चा की है।

इसमें उन देशों में रह रहे भारतीयों की देखभाल के बारे में बात हुई थी. बता दें खाड़ी देशो में लगभग 80 लाख भारतीय हैं. इस तरह के मिशन को कब लॉन्च किया जाएगा, इस पर फ़िलहाल कोई संकेत नहीं दिए गए हैं।

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