हफ्ते में तीन दिन छुट्टी मिलेगी अब इस देश में, छ: घंटे की होगी काम करने की शिफ्ट

परिवार को ज्यादा समय देने के लिए और काम के बोझ को कम करने के लिए फिनलैंड की नई प्रधानमंत्री सना मरीन ने कर्मचारियों के लिए एक खास प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव के मुताबिक कर्मचारियों को हफ्ते में 4 दिन काम करना होगा। इसके अलावा प्रस्ताव में काम के शिफ्ट को भी बदला गाया है। अब कर्मचारियों को पूर्व निर्धारित शिफ्ट 8 घंटे के बजाय 6 घंटे काम करना होगा।

सना मरीन इससे पहले 34 साल की सबसे युवा प्रधानमंत्री बनने की वजह से भी सुर्खियों में रह चुकी है। जिम्मेदारी संभालने के बाद सना मरीन ने जो प्रस्ताव पेश किया है उसके मुताबिक, फिनलैंड के कर्मचारियों को अब हफ्ते में 3 दिन की छुट्टी मिलेगी।

Weekly 4 Days work only

इस प्रस्ताव को लाने के लिए पीछे सना मरीन का मानना है कि इससे लोग अपने परिवार को समय देने के साथ-साथ अपने अधूरे शौक भी पूरे कर पाएंगे।फिनलैंड के जनता ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया है।

हफ्ते में कर्मचारियों को अब सिर्फ 4 दिन ही काम करना होगा

हालांकि इस प्रस्ताव का कई जगहों पर आलोचना भी की जा रही है। ब्रिटेन के एक नेता और लेखक डैनियल हन्नान का मानना है कि हमें हफ्ते में 4 दिन काम करने में कोई दिक्कत नहीं है लेकिन हम चाह कर भी ऐसा नहीं कर रहे हैं।

हन्नान का कहना है कि हफ्ते में सिर्फ 4 दिन काम करने से काम की क्षमता प्रभावित होती है। कुछ सर्वे के माध्यम से ये बातें सामने आई है कि कम घंटे काम करने से काम की प्रोडक्टिविटी बढ़ती है। पिछले वर्ष Microsoft जापान ने हफ्ते में 4 दिन काम करने का ट्रायल किया था।

कम समय में ज़्यादा काम होगा, इसीलिए ये किया गया

इसके ट्रायल में पता चला कि हफ्ते में 4 दिन काम करने से लोगों की वर्क प्रोडक्टिविटी में 40 फीसदी की वृद्धि हुई है। जो कि काफी अच्छा माना गया।

जिसके बाद मेलबोर्न के एक संगठन ने भी हर दिन 6 घंटे काम करने को लेकर सर्वे कराया था। जिसमें पता चला कि 6 घंटे काम करने के दौरान लोग बेकार के ईमेल भेजना, लंबी मीटिंग करना और बेवजह का इंटरनेट यूज करने जैसे काम नहीं करते हैं।

एलेक्ट्रा लाइटिंग, थिंक प्रोडक्टिव और पोर्टकुलिस लिगल्स जैसे ज्यादार ब्रिटिश बिजनेस सफलतापूर्वक फोर डे वीक आइडिया पर काम कर रहे हैं।

शोध में पाया, कई सुधार भी सामने आये हैं

हेनले बिजनेस स्कूल की एक अध्ययन के अनुसार, 77 फीसदी वर्कर्स का कहना था कि हफ्ते में चार दिन काम करने से उनके जीवन में कई तरह के सुधार हुए हैं।

स्वीडन के नर्सों के लिए छह घंटे काम करने का प्रस्ताव पास होने के बाद ये गौर किया गया कि नर्स पहले से ज्यादा स्वस्थ, खुश और ज्यादा ऊर्जावान हो गईं थीं।

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