टिकटॉक की रेटिंग गिराने वाले 80 लाख लोगों की मेहनत पर फिरा पानी, जानिए कैसे हुआ यह सब

पिछले काफी समय से सोशल मीडिया यूजर्स के बीच वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म टिकटॉक वर्सिस यूट्यूब देखने को मिल रहा है. इसी के चलते काफी समय से टिकटॉक लगातार खबरों में बना हुआ हैं. इस विवाद की शुरुआत काफी पहले हुई थी लेकिन इसे टिकटोकर आमिर सिद्दीकी के वीडियो ने नया रुख दे दिया था. जिसके बाद मशहूर यूट्यूबर कैरी मिनाटी के इस मामले पर रोस्ट वीडियो बनाया. इस वीडियो ने कई रिकॉर्ड तोड़े व कई नए रिकॉर्ड बनाए.

कैरी के वीडियो के बाद यह मामला शांत होने लगा लेकिन पांच दिन बाद यह वीडियो यूट्यूब द्वारा डिलीट कर दिया गया. जिसके बाद यूट्यूब और टिकटॉक के यूजर्स के बीच छिड़ी जं’ग ने और ज्यादा रफ्तार पकड़ ली. यूट्यूब और टिकटोक यूजर्स के बीच एक को दूसरे से बेहतर बताने की होड़ ने बवाल को और भी बड़ा बना दिया.

 

यूजर अलग-अलग प्लेटफॉर्म के जरिए एक-दूसरे के बारे में अनाप-शनाप लिखने लगे. जिसके बाद ट्वीटर पर #BanTikTok ट्रेंड करने लगा. मामला इतना बढ़ गया कि यूट्यूब के चाहने वालों ने गूगल प्ले स्टोर पर जाकर टिकटोक की रेटिंग खराब करना शुरू कर दिया. इसका नतीजा यह हुआ कि टिकटोक की रेटिंग गिरकर सिर्फ 1.2 रह गई.

लेकिन अब इसके एक हफ्ते बाद ही टिकटॉक की रेटिंग में सुधार हो गया और रेटिंग वापस से 4.4 पर पहुंच गई. यह सब यूट्यूब की पेरेंट कंपनी गूगल की मदद से हुआ है. दरअसल गूगल प्ले स्टोर की टीम ने टिकटॉक की रेटिंग में अचानक आए बदलावों को नोटिस किया. टिकटोक पर कुछ ही दिनों में 80 लाख नेगेटिव रिव्यू देखने को मिले थे.

जिन्हें अब डिलीट कर दिया गया है. यह रिव्यू यूट्यूब-टिकटॉक विवाद के बाद सामने आए थे. लोगों ने रेटिंग गिराने के उद्देश्य से जानबूझकर कम रेटिंग दी थी इसलिए इन रिव्यू को डिलीट कर दिया गया. अगर गूगल की policy के अनुसार अगर कोई गलत रिव्यू पोस्ट करता है या एक से ज्यादा अकाउंट से रिव्यू देता है तो गूगल उसे हटा सकता है.

इतना ही नहीं अगर रिव्यू देते समय कोई टॉपिक से हटकर किसी कंपनी या बिजनस का प्रचार करता है या किसी वेबसाइट का लिंक, ईमेल आईडी या मोबाइल नंबर भी पोस्ट करता है तो गूगल उन्हें हटाने का अधिकार रखता है. इसके आलावा प्राइवेट जानकारी, अश्लीलता से भरे कॉन्टेंट या कुछ भी गैर कानूनी पाए जाने पर भी गूगल उन रिव्यू को हटा सकता है.