अब रेलगाड़ियों या स्टेशनों पर सिगरेट पीना हुआ आसान, बीड़ी सिगरेट पीने पर भी नहीं भेजा जाएगा जेल

भारत सरकर रेलवे को लेकर बड़े बदलाव करने जा रहे है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रेलवे द्वारा कई पुराने कानूनों में बदलाव के लिए एक प्रस्ताब तैयार किया गया है. इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार के पास भेजा गया, जहां से मंजूरी मिलते ही कई कानून बदल जाएंगे. सूत्रों के अनुसार कैबिनेट को भेजे गए प्रस्ताव में रेलवे ने इंडियन रेलवेज़ एक्ट 1989 (Indian Railways Act 1989) के दो कानूनों में बदलाव की सिफारिश की है.

प्रस्ताव के अनुसार भारतीय रेलवे IRA के सेक्शन 144 (2) में संशोधन करने की मांग कर रहा है. इसके साथ ही ट्रेन या स्टेशन में बीड़ी सिगरेट पीने वालों को भी जेल नहीं भेज कर उनसे सिर्फ जुर्माना वसूलने का प्रस्ताव रखा गया है.

इसके अलावा इंडियन रेलवेज़ एक्ट के सेक्शन 167 में संशोधन की मांग की गई है, अगर कैबिनेट इस संशोशन को स्वीकार करती है तो इसके बाद ट्रेन, रेलवे स्टेशन या स्टेशन परिसर में स्मोकिंग करने पर जेल की सजा नहीं दी जाएगी बल्कि ऐसा करने पर सिर्फ जुर्माना वसूला जाएगा.

वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रेलगाड़ियों या रेलवे स्टेशनों पर भीख मांगना अब अपराध की श्रेणी में नहीं रहेगा. इसे लेकर रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी रेलगाड़ियों या स्टेशन पर भीख मांगना अपराध माना जाता है.

रेलवे एक्ट 1989 के सेक्शन 144 के तहत अगर कोई व्यक्ति रेलवे परिसर या रेल में भीख मांगता पकड़ा जाता है तो उस पर एक हजार का जुर्माना हो सकता है. साथ ही एक साल तक की कैद या फिर दोनों सजा हो सकती हैं.

अधिकारी ने कहा कि ऐसे व्यक्ति बहुत कम होते है जो शौकिया तौर पर भीख मांग रहे होते है. अगर उनके पास जुर्माना भरने के लिए हजार रुपये होगें तो फिर वो भीख ही क्यों मांगेगा.

साथ ही अधिकारी ने कहा कि इस कानून में बदलाव का मतलब यह नहीं है कि रेलवे रेल परिसर में भिक्षावृत्ति को बढ़ावा देना चाहता हैं? यह सिर्फ मानवीय आधार पर किया जा रहा है और जहां तक भिखारियों को रोकने की बात है तो इसे लेकर आरपीएफ पहले से ज्यादा सतर्क रहेगी. जहां भी लोग भीख मांगते देखे जाएंगे. उन्हें बाहर कर दिया जाएगा.

आपको बता दें कि केंद्र सरकार कई ऐसे कानूनों को ख’त्म कर रही है जो उपयोगी नहीं हैं, यानि जिस कानूनों से सिस्टम में कंप्लीकेशन आ रहा है उन्हें संशोधित किया जा रहा है. इसी के तहत केंद्र सरकार ने अपने अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों से ऐसे सभी गैर ज़रूरी कानूनों की लिस्ट मांगी है ताकि उन्हें ख’त्म किया जा सके.