अमेरिका से भारतीयों को बेघर करने की तैयारी? हाइड्रोक्लोरोक्विन भेजने का ये कैसा इनाम

अमेरिकन राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने हमारे देश को धम’की दी. हाइड्रोक्लोरोक्विन दवा हमें दो वरना हम बदले की कार्रवाई भी कर सकते हैं. हमारे शेर प्रधानमंत्री जी को दया आ गई और घंटे भर के भीतर निर्यात नियमों में बदलाव कर हाइड्रोक्लोरोक्विन अमेरिका भेजने की तैयारी शुरु कर दी गई. लेकिन मीडिया ने इस पर एक नया तर्क गढ़ा कि देखिए मोदी जी के नेतृत्व में कैसा भारत बन गया है.

भारत पहले मांगता था, अब दूसरे देश उससे मांगने लगे हैं. खैर, लोग तो भक्ति भाव में प्रेमवश अपने प्रभु की चरणवंदना में कुछ भी कहने सुनने को स्वतंत्र हैं लेकिन हाइड्रोक्लोरोक्विन भेजने के एवज में ट्रंप ने भारतीयों को ऐसा इनाम दिया है जिसे सुनकर कई लोग फुले नहीं समाएंगे और तालियों के साथ साथ थालियां भी बजाएंगे.

नहीं बढ़ेगा भारतीयों का वीजा

हाइड्रोक्लोरोक्विन पाने की खुशी में ट्रंप ने अमेरिका में कार्यरत भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स को मिलने वाले एच 1 बी वीजा की मियाद 60 दिन से ज्यादा बढ़ाने से साफ साफ इंकार कर दिया है. इसका मतलब यह हुआ कि अमेरिका में रह कर नौकरी कर रहें जितने भी भारतीय एच 1 बी वीजाधारक हैं, उन्हें 60 दिन के अंदर नौकरी खोज लेनी होगी अन्यथा उन्हें भारत भेज दिया जाएगा.

भारतीयों की छिनेगी नौकरी

आपका बता दें कि कोरोना की म’हामा’री की वजह से अमेरिका की अर्थव्यवस्था का बुरा हाल हो चुका है. अमेरिका में बड़े पैमाने पर लोगों की नौकरियों से छंटनी का काम शुरु होने वाला है. एक अनुमान के मुताबिक अमेरिका में करीब 4.7 करोड़ लोग बेरोजगार हो सकते हैं.

शुरुआती रिपोर्ट बता रहे हैं कि अमेरिका के निशाने पर सबसे पहले एच1बी कर्मचारी हैं. कई जगहों पर कंपनियों ने ऐसे लोगों को पहले से ही आगाह कर दिया है कि आपको कभी भी नौकरी से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है.

वहीं एक और तथ्य यह है कि एच 1 बी वीजाधारक न तो किसी प्रकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ लेने के अधिकारी हैं और नहीं उन्हें किसी प्रकार का कोई बेरोजगारी मुआवजा या भत्ता मिल सकता है.

क्या है एच 1बी वीजा

एच 1बी गैर प्रवासी वीजा है जो किसी भी कर्मचारी को अमेरिका में छह साल तक काम करने के लिए दिया जाता है. यह वीजा ऐसे लोगों के लिए जारी किया जाता है, जिनकी अमेरिका में कमी होती है. यह ऐसे ही कर्मचारियों को जारी किया जाता है जिसकी सैलरी कम से कम 60 हजार डॉलर यानी की 40 लाख रुपये सालाना होनी चाहिए.

Source:  ibtimes.co.in

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