‘जनता कर्फ्यू’ के बीच ‘शाहीन बाग’ प्रदर्शन को बंद करवाने को लेकर दो गुट भिड़े, जमकर गाली गलौज-मारपीट

नई दिल्ली: आज का दिन यानि रविवार, 22 मार्च का दिन इस लिहाज़ से अहम है कि हम आगे कुछ वक्त में कोरोना वायरस का मुकाबला कितनी बल पावर के साथ करने वाले हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘जनता कर्फ्यू’ की अपील की है. यानी एक दिन की कम्प्लीट सोशल डिस्टेंसिंग. और कोरोना को फैलने से रोकने का यही तरीका है. ये एक दिन का जनता कर्फ्यू आगे की लंबी लड़ाई में एक किस्म का ट्रायल भी हो सकता है।

अब खबर आ रही है कि कोरोना वायरस के चलते जनता कर्फ्यू के आह्वान के बीच दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिता संशोधन कानून के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन को बंद करवाने को लेकर दो गुट आपस में भिड़ गए. दोनों पक्षों में करीब आधे घंटे तक मारपीट और गालीगलौज हुई. एक पक्ष चाहता था कि पीएम के जनता कर्फ्यू के ऐलान का समर्थन किया जाए।

लेकिन दूसरा पक्ष इसे मानने को तैयार नहीं था. इसी बात पर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई. हालांकि, बाद में मामला शांत करवा दिया गया. बवाल के वक़्त स्टेज जिस से लोग भाषण देते हैं उसमें रखे समान को भी एक बार भीड़ ने उठा लिया था।

NDTV की खबर के अनुसार शाहीन बाग धरने के पास पुलिस बैरिकेड पर किसी ने पेट्रोल बम फेंका, जिससे विस्फोट हुआ. पुलिस बैरिकेड पर पेट्रोल बम मारे जाने की वजह से कोई घायल नहीं हुआ है. पुलिस का कहना है कि कोई शाहीन बाग के अंदर से गली से आया जहां बाहर पुलिस हैं वहां से नहीं आया।

शाहीन बाग में जिस शख्स ने पेट्रोल बम फेंका उसने जामिया यूनिवर्सिटी के बाहर भी गेट नम्बर 7 के सामने बम फेंका. हलाकि इसमें कोई घायल नहीं हुआ. पेट्रोल बम फेंकने वाला शख्स बाइक पर सवार था।

शनिवार को इंडिया इस्लामिक सेंटर में प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस की मीटिंग हुई थी, जहां दो पक्षों के बीच झगड़ा भी हुआ. एक ग्रुप चाहता है कि शाहीन बाग खुले. दूसरा चाहता है कि नहीं खुले. पुलिस मामले की जांच कर रही है।

वही देश में जनता कर्फ्यू के बीच शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने और कुछ महिलाओं ने पुलिस की बात नही मानी और करीब 5 से 6 महिलाए आज भी प्रदर्शन में बैठी हैं. हालांकि बाकी महिलाएं और दूसरे प्रदर्शनकारी आज शाहीन बाग प्रदर्शन साइट से नदारत दिखे।

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