यूएई के इस एहसान और इस ईद को कभी नहीं भुला पाएंगे ये 515 कैदी

ईद-उल-अजहा के मौके पर संयुक्त अरब अमीरात सरकार ने एक बड़ा फैसला किया हैं जिसका लोग खुले दिन से स्वागत कर रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख खलीफा बिन जायद अल नाहन ने ईद के मौके पर कैदियों को माफ़ करने का फैसला लिया हैं. आपको बता दें कि संयुक्त अरब अमीरात के शासक हमेशा से बड़े उत्सवों पर कैदियों को माफ़ी देकर उन्हें अपनी जिंदगी बेहतर बनाने का एक और मौका देते रहे हैं.

बताया जा रहा है कि संयुक्त अरब अमीरात सरकार ईद-उल-अजहा के मौके पर 515 कैदियों को माफ़ी देने जा रही हैं. वहीं इससे पहले अमीरात के शासकों ने पारंपरिक तौर पर रमजान और ईद के मौके पर भी सैंकड़ों कैदियों को माफ़ी प्रदान की थी.

आपको बता दें कि अप्रैल में पड़ने वाले अल नाहन ने पाक महीने के दौरान युएई ने 1,511 कैदियों को माफ कर दिया हैं. इसके साथ ही दुबई के उपराष्ट्रपति और शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद ने भी उसी महीने 874 कैदियों को निर्वासित करने का आदेश दिया था.

न्यूज़ एजेंसी डब्ल्यूएएम ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि युएई राष्ट्रपति की क्षमा माफी और सहिष्णुता के मूल्यों के आधार पर यह फैसला लिया गया हैं. उन्होंने कहा कि इसी आधार पर संयुक्त अरब अमीरात द्वारा मानवीय पहल के संदर्भ में कैदियों को माफ़ी दी जाती रही हैं.

रिपोर्ट में बताया गया है कि रिलीज किये जा रहे कैदियों को एक नया जीवन शुरू करके अपनी जिंदगी को बेहतर करने और बदलने का मौका देता है. इस तरह से उन कैदियों के परिवार और समुदायों जीवन की सकारात्मक भागीदारी में संलग्न हो पाते हैं.

सालाना दी जाने वाली क्षमा पारिवारिक सामंजस्य को बढ़ाने के लिए शेख खलीफा की उत्सुकता के हिस्से के तौर पर देखा जाता है. सरकार का यह फैसला माताओं और बच्चों के लिए खुशी लेकर आता हैं और क्षमाशील कैदियों को अपने भविष्य पर पुनर्विचार करने का एक मौका देता है.

यह कैदी एक सफल सामाजिक और पेशेवर जीवन में अपनी भागीदारी निभाते हुए धार्मिक मार्ग पर वापस लौटने का मौका पाते हैं. वहीं ओमान सुल्तान ने भी विपक्षी नेताओं को माफ करने का फैसला लिया हैं और उनकी देश वापसी के लिए हवाई यात्रा का भी इंतजाम भी किया जाएगा.

ओमानी पत्रकार तुर्क अल-बालुशी ने बताया कि सुल्तान हेथम बिन तारिक ने कई ओमानियों विपक्षी नेताओं को ब्रिटेन में शरण लेने की शर्त पर माफ़ी देने का फैसला लिया हैं.