ब्रोकिंग: VIDEO- CAA के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा यूनाइटेड नेशन, मोदी सरकार ने जताई नाराजगी

नई दिल्लीः भारत सरकार द्वारा लाए गए नागरिकता संशोधन कानून (CAA) ने दुनिया भर में चर्चा का विषय बना हुआ हैं. इस कानून का भारत में विपक्षी पार्टियों सहित विदेश में भी विरोध हो रहा हैं, इस कानून को लेकर दुनिया के कई देशों ने भी आपत्ति जताई है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग की ओर से भारत के सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को इस पर जवाब दिया है।

आपको बता दें नागरिकता कानून के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग (UNHRC) भारत के सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. यह जानकारी UNHRC के उच्चायुक्त ने भारत को दी है. बता दें UNHRC के उच्चायुक्त ने सीएए के खिलाफ भारत के सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दायर किया है और भारत को इसकी जानकारी दी है।

UNHRC के इस कदम के बाद केंद्रीय विदेश मंत्रालय की ओर से मंगलवार को एक बयान जारी किया गया. बयान में लिखा गया है, जेनेवा में मौजूद हमारे मिशन को सोमवार को जानकारी मिली है कि संयुक्त राष्ट्र के ह्यूमन राइट्स कमिश्नर की ओर से सुप्रीम कोर्ट में नागरिकता संशोधन एक्ट के मसले पर एक याचिका दायर की गई है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, नागरिकता संशोधन कानून भारत का एक आंतरिक मसला है और भारतीय संसद को इस कानून को बनाने की ताकत है. हमें विश्वास है कि कोई बाहरी देश इस भारत के आंतरिक मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता है।

 

भारत सरकार ने अपने बयान में कहा कि मानवाधिकार को लेकर देश के द्वारा किए गए वर्षों पहले किए गए बंटवारे के दौरान के वादे को पूरा करता है. वही इसके जवाब में विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है।

जो कानून के आधार पर चलता है. भारत में कानूनी व्यवस्था पर पूरा विश्वास है और हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट में हमारा पक्ष स्पष्ट हो जाएगा. बता दें कि अमेरिका, चीन, पाकिस्तान समेत दुनिया के कई देशों ने बीते दिनों नागरिकता संशोधन एक्ट और उसको लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी थी।

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