VIDEO: यूपी पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट कर रही महिलाओं के साथ की अमानवीय हरकत, कड़ाके की ठण्ड में भी रहम नहीं आया

नई दिल्लीः कड़ाके की ठंड के बीच नागरिकता संशोधित कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) के विरोध में बड़ी संख्या में महिलाएं दिल्ली के शाहीन बाग की तर्ज पर पुराने लखनऊ स्थित घंटाघर के सामने प्रदर्शन कर रही हैं. उनके साथ बच्चे भी शामिल हैं। इतनी सर्दी में भी महिलाओं का हौसला डिगा नहीं है. इन महिलाओं का कहना है कि सरकार जब तक सीएए और एनआरसी को वापस नहीं लेती है, तब तक वे धरना समाप्त नहीं करेंगी।

इसी कड़ाके की सर्दी के बीच रविवार सुबह घंटाघर से जो पुलिसिया कार्रवाई की तस्वीरें और वीडियो सामने आई जिसकी पूरे देश में कड़ी निंदा हो रही है। आपको बता दें 18 जनवरी रात वहां तेनात पुलिसर्किमयों को गुलाब के फूल देकर अनूठे तरीके से प्रदर्शन किया। लेकिन आधी रात अचानक पुलिस इनके पास पहुंची और प्रदर्शन कर रही महिलाओं से जाने के लिए कहा।

पुलिसिया कार्रवाई के बाद बना अफ’रा तफ’री का माहौल

UP Police ne adhi rat ko

धरना दे रही महिलाओं का आरोप है कि हम शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे इस दौरान पुलिस वहाँ पहुंची और उनसे उनके कंबल छीन लिए और उनके खाने पीने का सामान भी अपने साथ ले गई आपको बता दें घंटाघर पर पुलिसिया कार्रवाई की तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया वायरल हो रहे हैं। और दावा किया जा रहा है कि घंटाघर पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई का यह वीडियो है।

हलाकि वायरल हो रहे इन वीडियो में पुलिस प्रदर्शनस्थल से कंबल ले जाते हुए दिखाई दे रही है। और कई महिलाएं इसका विरोध भी करती नज़र आ रही हैं, लेकिन पुलिस उनकी एक नहीं सुन रही है। कड़ाके की सर्दी में पुलिस कंबल उठाती है और प्रदर्शनस्थल से लेकर चली जाती है।

आपको बता दें प्रशासन की तरफ से मीडिया को वहां जाना और प्रदर्शनस्थल को करने की इजाजत नहीं है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक धरने पर बैठी महिलाओं की कवरेज करने आए मीडिया कर्मियों को पुलिस रोक रही है और उनकी गाडियों का चालान कर रही है। सड़क के पास खड़ी पुलिस मीडिया कर्मियों को घंटाघर के करीब तक भी नहीं जाने दे रही है।

वहीं, प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि पुलिस नागरिकता संशोधित कानून और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के खिलाफ हो रहे आंदोलन को बंद कराने की भरसक कोशिश कर रही है। लेकिन महिलाओं का कहना है कि जब तक सीएए को केंद्र की मोदी सरकार वापास नहीं लेती उनका आंदोलन लगातार जारी रहेगा।