CAA: 16 हज़ार सोशल मीडिया पोस्ट पर यूपी पुलिस की नज़र, अब तक सेंकडों लोगों को भेजा नोटिस

Citizenship Amendment Act 2019: नागरिकता संशोधन कानून का देशभर में चल रहे विरो’ध और प्रदर्शनों के, सोशल मीडिया पर कई विडियो और पोस्ट मौजूद हैं. इनमें से कई पोस्ट ऐसी भी हैं जो झूठी हैं. उत्तर प्रदेश में इस कानून को लेकर भी इसके खिलाफ प्रदर्शन हुए थे, जिनमें लोगों की जाम-माल का भी काफी नुकसान हुआ, इसके अलावा सरकारी संपत्ति को भी बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है.

उत्तर प्रदेश पुलिस ने, सोशल मीडिया के जरिए उन्माद फैलाने वाले यूज़र के खिलाफ छानबीन शुरू कर दी है. अब तक इस कार्यवाही में कई लोगों को नोटिस भी भेजे जा चुके हैं. बताया जाता है कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने फेसबुक और यूट्यूब पर 16,000 पोस्टों को चिन्हित किया है.

भ्रम फैलाने वाली फेसबुक पोस्ट और वीडियो पर पुलिस करेगी कार्यवाही

CAA Protest Photo
नागरिकता कानून को लेकर प्रदर्शन करते लोग

इन सभी लोगों के ख़िलाफ़ उत्तर प्रदेश पुलिस नोटिस भेजकर कार्यवाही करने के लिए तैयार है. आपको बता दें कि यूपी पुलिस ने जांच के बाद पाया कि लोगों में नागरिकता कानून को लेकर, सबसे ज़्यादा ग़लतफ़हमी फ़र्जी पोस्ट और विडियो पोस्ट से हुई है.

सोशल मीडिया पोस्ट पर ऐसे लोगों के ख़िलाफ़ भी कार्यवाही होगी जिन्होंने उस पोस्ट पर नागरिकता कानून के खिलाफ आप’त्ति जनक टिप्पणियां की हैं. इसके अलावा पुलिस के पास ट्विटर पर की गयी 7500 से भी ज़्यादा ट्वीट, फेसबुक और यूट्यूब के विडियो भी शामिल हैं.

उत्तर प्रदेश पुलिस अभी और भी कई ऐसे ट्वीट और फेसबुक पोस्ट तथा YouTube के विडियो की छानबीन करने में लगी है. जो एनआरसी और नागरिकता कानून को लेकर लोगों में भ्रम फैला रहे हैं.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही आगाह कर दिया था कि नागरिकता कानून के खिलाफ भ्रम फैलाने वालों और प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसाने पहुंचाने वाले लोगों को बख्शा नहीं जायेगा, ऐसे लोगों की पहचान कर उनसे नुकसान का हर्जाना वसूला जाएगा.

पुलिस ने इस बात पर अमल करते हुए, मुजफ्फरनगर में कई दुकानदारों को नोटिस भेजा है और प्रदर्शन के दौरान हिं’सा फैलाने वालों की कई दुकानें भी सीज कर दी गयीं हैं. पुलिस ने कहा है कि प्रदर्शन के ठीक पहले इन दुकानों के आसपास काफी भीड़ इकठ्ठी हुई थी, जिससे अंदाज़ा लगा रहे हैं कि इसी भीड़ द्वारा हिंसा फैलाई गयी है.

उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली पुलिस ने भी सोशल मीडिया पर कई ऐसी पोस्ट और विडियो शेयर करने वालों की पहचान की है. अब उनपर भी कानूनी कार्यवाही की जा सकती है. दिल्ली पुलिस के अनुसार एनआरसी और नागरिकता संशोधन कानून को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना शुरू भी कर दिया है.

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश और दिल्ली की पुलिस ने ट्विटर औऱ फेसबुक को लिखित रूप से गलत पोस्टों को हटाने और CAA या NRC को लेकर झूठी बातें फैलाने वाले पोस्ट्स को डिलीट करने की मांग की है.

इस संबंद में काफी पोस्टों को हटाया भी जा चूका है या फिर उनपर गलत और झूठी पोस्ट का लेवल लगा दिया गया है, जिससे लोगों को पता लग जाय कि यह गलत पोस्ट है. और वह उसे शेयर करने से बचे.