सुदर्शन चैनल और एडिटर इन चीफ के खिलाफ IAS/IPS अफसरों के बाद अब जामिया मिलिया ने खोला मोर्चा

सुदर्शन न्यूज चैनल के प्रधान संपादक सुरेश चव्हाणके द्वारा हाल ही में ट्वीट किये गए वीडियो ने देश भर में वबाल खड़ा कर दिया हैं. आज शाम को चव्हाणके एक कार्यक्रम प्रसारित करने जा रहे हैं. इसी कार्यक्रम के कुछ अंश हाल ही में उन्होंने ट्वीट पर शेयर किये थे जिसमें वो बेहद ही विवादित और आपत्तिजनक टिप्पणियां करते नजर आ रहे हैं. इस वीडियो को लेकर देश भर में चव्हाणके की आलोचना की जा रही हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की जा रही हैं.

इसी कड़ी में अब जामिया मिलिया इस्लामिया ने भी सुदर्शन न्यूज चैनल और इसके प्रधान संपादक सुरेश चव्हाणके के खिलाफ युनिवर्सिटी की छवि को धूमिल करने के लिए कार्रवाई करने की मांग करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को पत्र लिखा हैं.

चव्हाणके द्वारा ट्वीट किये गए शो के ट्रेलर में उन्होंने जामिया आवासीय कोचिंग अकादमी (आरसीए) से पास होने के बाद यूपीएससी क्रेक करने वाले छात्रों को जामिया के जि’हादी करार दिया हैं.

इसके साथ ही उन्होंने अपने ट्वीट में यूपीएससी जि’हाद, सिविल सेवाओं में मुसलमानों की घुसपैठ का पर्दाफाश जैसे हैशटैग का इस्तेमाल किया हैं. इस मामले को लेकर जामिया मिलिया ने सुरेश चव्हाणके की निंदा की हैं.

जामिया के पीआरओ अहमद अज़ीम ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को इस मामले में पत्र लिखकर जानकारी दी गई है और उचित कार्रवाई की मांग की हैं. सुदर्शन ना सिर्फ जेएमआई और खास समुदाय की छवि ख़राब कर रहा हैं बल्कि यूपीएससी की छवि भी घूमिल की जा रही हैं.

द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए जामिया की वीसी नजमा अख्तर ने कहा कि हम इस मामले को लेकर कोर्ट नहीं जाएंगे, चव्हाणके ने जिहा’दी की एक नई धर्मनिरपेक्ष परिभाषा दी हैं. विश्विद्यालय उन्हें अधिक महत्व नहीं देना चाहता हैं.

उन्होंने आगे कहा कि जहां तक हमारे स्टूडेंट का सवाल हैं तो इस बार आरसीए के 30 छात्रों का चयन हुआ हैं. जिनमें से 16 मुस्लिम और 14 हिंदू शामिल हैं. चूँकि वो सभी जिहादी हैं तो इसका मतलब 16 मुस्लिम जिहादी थे और 14 अन्य हिंदू भी जि’हादी थे. चव्हाणके ने भारत को जि’हादियों की नई धर्मनिरपेक्ष परिभाषा दी हैं.

वहीं जामिया टीचर्स एसोसिएशन ने चव्हाणके के खिलाफ प्रशासन से आप’राधिक मानहानि का मामला दायर करने की मांग की हैं.  टीचर्स एसोसिएशन ने कहा कि चव्हाणके ने भारतीय और जेएमआई विरोधी बातें कहीं हैं, उन्होंने कई अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया जो साफ तौर पर उकसाता हैं, यह लोगों को विभाजित करने ला प्रयास हैं.

साभार- जनसत्ता