रिहाना के ट्वीट पर कई बॉलीवुड सितारों ने दिया था जवाब, अब राज ठाकरे ने सचिन तेंदुलकर का नाम लेते हुए कही ये बात

मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने केंद्र सरकार को सलाह दी है. उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों के समर्थन में रेहाना और अन्य विदेशी हस्तियों पर पलटवार के लिए चलाए गए अभियान में भारत रत्न जैसे सम्मानित लोगों से ट्वीट नहीं करवाना चाहिए था, ये लोग हमारे राष्ट्र के प्रतीक हैं।

नई दिल्लीः महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे (Raj Thackrey) ने किसान आंदोलन पर एक अनोखा बयान दिया है। जिसमें राज ठाकरे ने केंद्र सरकार को नसीहत दी है. राज ठाकरे ने कहा की केंद्र सरकार को आंदोलनकर्ता किसानों के समर्थन में ट्वीट करने वाली विदेशी हस्तियों पर पलटवार के लिए चलाए गए अपने अभियान में लता मंगेशकर और सचिन तेंदुलकर को नहीं उतारना चाहिए था।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, राज ठाकरे ने कहा है कि लता मंगेशकर और सचिन तेंदुलकर भारत रत्न हैं, उनकी अपनी प्रतिष्ठा है और सरकार को इसका ध्यान रखना चाहिए था। क्योकि इनके द्वारा किये गए ट्वीट के बाद इन हस्तियों को सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ रहा हैं।

अक्षय कुमार जैसे लोगों का इस्तेमाल करना चाहिए: राज ठाकरे

आपको बता दें कि, जहां एक तरफ (NCP) के प्रमुख शरद पवार ने किसान आंदोलन पर विदेशी हस्तियों के ट्वीट के जवाब में ट्वीट करने पर महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को नसीहत दी तो दूसरी तरफ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNC) के मुखिया राज ठाकरे ने केंद्र सरकार को सलाह देते हुए कहा है कि सरकार को लता मंगेशकर और सचिन तेंदुलकर जैसी हस्तियों का नहीं, बल्कि अक्षय कुमार जैसे लोगों का इस्तेमाल करना चाहिए।

ठाकरे ने संवाददाताओं से बात करते हुए, अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के ट्वीट्स का मुकाबला करने के लिए अपने सोशल मीडिया अभियान के लिए सरकार को लता मंगेशकर और सचिन तेंदुलकर को उसके रुख के समर्थन में ट्वीट करने के लिए नहीं कहना चाहिए था और उनकी प्रतिष्ठा को दांव पर नहीं लगाना चाहिए था।

अब उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोलर्स का सामना करना पड़ रहा है। राज ठाकरे ने कहा कि सरकार को अपने अभियान के लिए अक्षय कुमार जैसे अभिनेताओं का उपयोगकरना चाहिए। ठाकरे ने कहा, सचिन तेंदुलकर और लता मंगेशकर जी अपने अपने क्षेत्रों के सही मायनों में दिग्गज हैं लेकिन वैसे बहुत सरल व्यक्ति हैं।

उन्हें उसी हैशटैग के साथ ट्वीट करने के लिए नहीं कहना चाहिए था। उन्होंने वही ट्वीट किया जो सरकार ने उनसे ट्वीट करने को कहा और अब उन्हें सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. जो यह बहुत गलत बात है।

ठाकरे ने ये भी कहा कि अगर अमेरिकी पॉप स्टार रेहाना और अन्य विदेशी हस्तियों का कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों का समर्थन करना भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने जैसा था, तो डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नारा भी परेशानी भरा था। अमेरिका में अगली बार, ट्रंप सरकार जैसी रैली करने की क्या आवश्यकता थी। क्योकि यह उस देश का आंतरिक मामला था।

राज ठाकरे ने कहा कि देश का किसान जिन तीन नए कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, उनमें जरूर कुछ खामियां हो सकती हैं, जिन्हें सरकार को दूर किया जाना चाहिए।

गौरतलब हैं कि, भारत में चल रहे किसान आंदोलन को लेकर अमेरिकी पॉप स्टार रेहाना सहित अन्य विदेशी हस्तियों ने किसानों का समर्थन करते हुए ट्वीट किये थे जिसके बाद सचिन तेंदुलकर समेत कई क्रिकेट सितारों और फिल्मी हस्तियों ने विदेशी हस्तियों के उतरने के खिलाफ सरकार का समर्थन किया था।

पुणे (महाराष्ट्र) की रहने वाली 'बुशरा त्यागी' पिछले 5 वर्षों से एक Freelancer न्यूज़ लेखक (Writer) के तौर पर कार्य कर रही हैं। 16 साल की उम्र से ही इन्होंने शायरी, कहानियाँ, कविताएँ और आर्टिकल लिखना शुरू कर दिया था।