लॉकडाउन में फुटपात पर खाना बांट रहे युवक को भीख मांग रही लड़की से हुआ प्यार, दिलचस्प ये लव स्टोरी …

उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर से एक खबर सामने आई है. खबर ऐसी है जो दिखाती है कि सच्चा प्यार किसी बंधन में नही बंध सकता है. सच्चा प्यार जात-पात, ऊंच-नीच से परे होता है. ऐसा ही कुछ यहां देखने को मिला है. कानपुर में एक व्यक्ति को उनके पास खाने के लिए भीख मांगने आने वाली एक महिला से प्यार हो गया. प्यार परवान चढ़ा और दोनों ने एक-दुसरे के साथ जीने-मारने की सात कसमें खाकर शादी कर ली.

नवभारत टाइम्स की खबर के अनुसार कोरोना के चलते लगाए गए लॉकडाउन के बीच कानपूर के एक प्रॉपर्टी डीलर लालता प्रसाद को अपने पास खाने की तलाश में आने वाली नीलम से एक दिन मुलाकात हुई. लॉकडाउन के चलते नीलम और उसके कई साथियों को खाने को लेकर समस्या थी.

जिसके बाद उन्होंने अपने ड्राईवर अनिल से नीलम समेत कई दूसरे गरीबों तक रोज खाना पंहुचने के लिए कहा. इसके बाद से ही अनिल दिन में खाना बांटने जाने लगा और जब वह वापस आता था तो नीलम को लेकर लालता प्रसाद से चर्चा करता था.

इस पर लालता ने नीलम की भावनाओं को समझा और अनिल से कहा कि दिन का खाना तो तुम नीलम को दे आते हो लेकिन वह रात में क्या खाएगी. इसके बाद से ही अनिल खुद रात के लिए खाना बनाकर नीलम को देने जाने लगा ऐसा कई दिनों तक चलता रहा. इसी दौरान अनिल को नीलम से प्यार हो गया.

इसके बाद दोनों शादी करने के लिए राजी हो गए तब लालता प्रसाद के सहयोग से अनिल ने अपने पिता को शादी के लिए राजी कर किया और इस तरफ यह लॉकडाउन वाली प्रेम कहानी वरमाला की मंजिल तक जा पहुंची. इसके बाद बुधवार को अनिल और नीलम ने भगवान बुद्ध के आश्रम में शादी कर ली.

इस शादी के दौरान सोशल डिस्टेंस का पुरे तरह से ध्यान रखा गया. शादी में कुछ सामजिक लोगों ने भी शामिल होकर वर-वधु को आशीर्वाद दिया. इस तरफ नीलम की बेजान दुनिया लॉकडाउन में आबाद हो गई.

बता दें कि इस शादी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है. इस रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि नीलम के पिता नहीं हैं जबकि उनकी मां को पैरलिसिस है. दावा किया जा रहा है कि उनके भाई-भाभी ने उन्हें उसे घर से निकाल दिया था जिसके बाद से ही वह खाने और गुज़ारे के लिए फुटपाथ भीख मांगने लगी थी.