गो’ली मा’रना, आनन-फानन में श’व दफनाने और पोस्टमा’र्टम रिपोर्ट गायब करना: यूपी पुलिस की ग्राउंड रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश पुलिस ने मेरठ में हुए नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और (NRC) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बीच एक सीसीटीवी फुटेज जारी किया है। जिसमें एक अनजान व्यक्ति रि’वॉल्व’र की तरह दिखने वाले ह’थिया’र को लहरा रहा था। पुलिस ने यह वीडियो जारी कर यह दावा किया है कि यह वीडियो पिछले दिनों 20 दिसंबर शुक्रवार का है। जिस दिन यूपी में विरोध प्रदर्शन हिं’सक हो गया था।

दरअसल, कारवां डॉट.इन की खबर के अनुसार, 20 दिसंबर को हुए प्रदर्शन के दौरान गो’ली लगने से कम से कम पांच लोगों की मौ’त हो गई थी। जिसके बाद अगले ही दिन, राज्य पुलिस के प्रमुख ओपी सिंह ने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर एक भी गो’ली नहीं चलाई गई है। प्रदर्शनकारी आपस की गो’लीबा’री में मा’रे गए। फुटेज इस बात को सही साबित करने के लिए अपलोड की गई थी कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग करने की पुलिसिया कार्रवाई न्यायसंगत थी।

आपको बात दें उत्तर प्रदेश में अब तक 19 लोगों की मौ’त हो चुकी है और राज्य पुलिस इसी तर्क का इस्तेमाल कर रही है वही 21 जिलों में पुलिस द्वारा प्रदर्शन कारियों पर किया गया क्रूर कार्रवाई को सही ठहरा रही है। लेकिन वकील, कार्यकर्ता, मानवाधिकार समूह, फैक्ट फाइडिंग टीमें, नागरिक समूह और जमीनी रिपोर्टें कुछ और है।

इन रोपोर्टों ने सीएए के विरोध में हुए प्रदर्शनों में पुलिस द्वारा अत्यधिक और अं’धाधुं’ध बल प्रयोग और मुस्लि’म-बहुल क्षेत्रों को खास तौर पर नि’शाना बनाए जाने पर रोशनी डाली हैं। 20 दिसंबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मेरठ शहर जहां पुलिस और सीएए के विरोध में खड़े प्रदर्शनकारियों के बीच सं’घ’र्ष का केंद्र बन गया।

20 दिसंबर शुक्रवार को दोपहर की नमाज के बाद, शहर के बीचों-बीच बसे सभी मुस्लि’म इलाकों, फिरोज नगर, ट्यूबवेल तिराहा और कोतवाली में सीएए के विरोध में मार्च शुरू हुआ। मार्च करने वाले भुमिया का पुल क्षेत्र से प्रह्लाद नगर की ओर जा रहे थे। ये क्षेत्र दो किलोमीटर के दायरे में हैं. प्रह्लाद नगर के लिसाड़ी गेट पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, लगभग बारह सौ प्रदर्शनकारियों की भी’ड़ (CAA) के खि’लाफ नारेबा’जी कर रही थी।

इसी दौरान करीब 2.30 बजे पुलिस ने विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए क्रू’र कार्रवाई की जो दो घंटे तक चली। इन दो घंटों में पांच लोग मा’रे गए और एक अन्य व्यक्ति की गो’ली लगने के बाद 26 दिसंबर को मौ’त हो गई। आधिकारिक तौर पर मेरठ में कुल छह लोगों की मौ’त हुई।

हलाकि इस पॉलिसियाँ कारवाही पर स्थानीय लोगों ने आंकड़े को खारिज करते हुए कहा कि म’रने वालों की संख्या ज्यादा है। स्थानीय लोगों ने कहा कि कई लोग अब भी लाप’ता है। मा’रे गए पांच लोग में सभी बेहद गरिब परिवार से थे और एकमात्र कमाने वालो में से थे।