उत्तराखंड पुलिस की तबलीगी जमात को धम’की, कहा अगर जमात में गए हो तो…

देश भर में कोरोना वायरस का कह’र जारी है. मौ’त के आंकड़े ने सेंचुरी लगा ली है. उधर कोरोना को पूरी तरह से महामारी की बजाय हिंदू मुसलमान का रंग दिया जा चुका है. ध्यान भटकाने की साजि’श में सरकार सफल हो चुकी है. अब किसी को इस बात की कोई फिक्र नहीं कि मेडिकल सेवाओं का क्या हाल है ?

कोरोना की जांच हा भी रही है या नहीं? इससे किसी का कोई लेना देना नहीं. अब माहौल इस तरह का बन चुका है कि कोरोना चीन की जगह एक मजहब विशेष के लोगों ने भारत में फैलाया है. सरकार ने अपनी विफलता को तबलीगी जमात की आड़ में ढंक लेने में बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है.

Jamat ke log

त्तराखंड पुलिस ने दी कड़ी चेतावनी

उत्तराखंड के डीजीपी अनिल रतूड़ी ने दिल्ली के निजामुद्दीन में आयोजित मरकज में हिस्सा लेकर लौटने वाले तबलीगी जमात के समर्थकों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इन लोगों की वजह से उत्तराखंड के किसी भी नागरिक को कोरोना वायरस का संक्रम’ण होता है और यह उनकी मौ’त की वजह बनती है तो ऐसे लोगों पर सीधे ह’त्या का मुकदमा दर्ज किया जाएगा.

उत्तराखंड डीजीपी ने साफ किया है कि तबलीगी जमात में शामिल होकर लौटने वाले मरकज के लोग स्वयं ही पुलिस के समक्ष उपस्थित होकर अपनी जानकारी दें अन्यथा कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें.

डीजीपी के अनुसार ऐसे लोगों को उत्तराखंड पुलिस 06 अप्रैल की शाम 06 बजे तक का वक्त देती है. इसे अल्टीमे’टम के तौर पर लिया जाए क्योंकि पुलिस बार बार अपील कर रही है और मरकज वाले इसे अनसुना कर रहे हैं.

383लोग हुए थें शामिल

उत्तराखंड पुलिस के अनुसार यहां के 383 लोग दिल्ली के मरज में शामिल हुए थें. इनमें से कई लोगों का देहरादून में इलाज भी चल रहा है. शामिल होने वाले 383 लोगों में से 325 लोगों की लिस्ट पुलिस ने बना ली है.

इनमें से 260 लोगों को पुलिस ने क्वारंटीन भी कर लिया है. आपको बता दें कि उत्तराखंड में कोरोना के अब तक 22 मामले सामने आ चुके हैं. एक छोटे से राज्य में इतने मामले आना गंभीरता की ओर इशारा करता है.

एक अच्छी बात यह भी है कि कोरोना पीडित दो मरीजों का सफल इलाज भी कराया जा चुका है.

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