शिवराज सरकार के मंत्रियों के बीच विभागों के बंटवारे को लेकर तनातनी बढ़ी, अब सिंधिया-शिवराज नहीं यह नेता करेगें मंत्री

मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिराने के बाद सत्ता में आई शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार ने लंबे समय बाद मंत्रिमंडल का विस्तार कर लिया है. गहन विचार-विमर्श के बाद शिवराज सरकार के मंत्रिमडल का विस्तार तो हो गया है लेकिन विभाग का वितरण अभी तक नहीं हो सका हैं. दरअसल विभाग वितरण को लेकर कई पेंच फंसे हुए है. जिसके चलते अब इसका अंतिम फैसला भी केंद्रीय नेतृत्व पर ही छोड़ दिया गया है.

शिवराज सरकार का दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार पांच दिन पहले हो चूका है, इसके बाद से ही मंत्रियों के बीच विभागों के वितरण की कवायद चल रही हैं लेकिन अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका है. सूबे के सीएम ने दो दिन तक दिल्ली में तमाम बड़े नेताओं से मुलाकात करके मंत्रियों में विभागों के बंटवारे पर भी चर्चा की है.

सूबे में बीजेपी सरकार बनाने में मददगार रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ बीजेपी में आए लोगों में से 14 पूर्व विधायकों को मंत्री बनाया गया है, जिसमें से 11 सिंधिया के बेहद करीबी है.

सूत्रों के हवाले से खबर है कि सिंधिया ने बीजेपी के सामने राज्य मंत्रियों को स्वतंत्र प्रभार देने का और अपने करीबी मंत्रियों को महत्वपूर्ण विभाग देने का प्रस्ताव रखा है. लेकिन अगर सिंधिया का प्रस्ताव माना जाता है तो किसी भी मंत्री के हिस्से में दो विभाग नहीं आएंगे. क्योंकि राज्य में प्रमुख विभागों की संख्या 34 है.

ऐसे में विभाग वितरण को लेकर भोपाल से दिल्ली तक लगातार दौड़ लग रही है. इसी बीच 6 जुलाई की रात को प्रदेश प्रभारी डॉ विनय सहस्रबुद्धे और सिंधिया के बीच चर्चा हुई है. इस दौरान आगामी 24 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की रणनीति और विभाग वितरण पर भी चर्चा हुई है.

बीजेपी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सीएम चौहान ने मंत्रियों को दिए जाने वाले संभावित विभाग से संबंधित सूची बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंप दी हैं. इस सूची को लेकर पार्टी अध्यक्ष नड्डा और महामंत्री (संगठन) बी. एल. संतोष के बीच इस पर अंतिम मुहर लगाने के लिए चर्चा हुई. माना जा रहा है कि मंगलवार कि देर शाम तक अंतिम निर्णय लिया जा सकता है.

वहीं सूत्रों के मुताबिक सिंधिया ने गृह, ग्रामीण विकास, महिला बाल विकास, पंचायत, सिंचाई, परिवहन, जनसंपर्क, खाद्य आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण विभागों की मांग बीजेपी से की हैं. इसके साथ ही सिंधिया समर्थक राज्य मंत्रियों के लिए स्वतंत्र प्रभार दिये जाने का सुझाव रखा है. अब इसे लेकर अंतिम फैसला बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ही करेगें.