ये कार नहीं पलटी है, राज खुलने से सरकार पलटने से बचाई गयी है, विकास दुबे के ENCO-UNTER पर उठे सवाल, ट्विटर पर ट्रेंड हुआ #FakeEncounter

कानपुर के बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की ह#त्या के आरोपी एवं कु’ख्या’त अ’परा’धी गैं’गस्ट’र विकास दुबे कानपुर के भौ’ती इलाके में भागने की कोशिश करने के दौरान शुक्रवार सुबह पुलिस मु’ठभे’ड़ में मा’रा गया. यूपी पुलिस का यह ENCO-UNTER अब सवालों के घेरे में आ गया है. विकास दुबे को गुरुवार को मध्यप्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार किया गया था. उसे आज कानपूर लाया जा रहा था इसी दौरान उसकी पुलिस से मु’ठभे’ड़ हो गई.

पुलिस एनकाउं’टर के बाद ट्विटर पर #FakeEnco-unter ट्रेंड़ करने लगा है. कानपुर के एडीजी जेएन सिंह ने ENCO-UNTER की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस और एसटीएफ की गाड़ियां विकास दुबे को मध्यप्रदेश के उज्जैन से ला आ रही थी, इसी दौरान एक गाड़ी दु’र्घट’नाग्र’स्त हो गई.

इसी गाड़ी में बैठे विकास दुबे ने मौके का फायदा उठाते हुए भागने की कोशिश कि जिसके बाद उसकी पुलिस से मु’ठ भे’ड़ हुई और वो घा’यल हो गया. उन्होंने आगे बताया कि हादसे के बाद एक एसटीएफकर्मी से दुबे ने पि’स्तौ’ल छी’न ली और भा’गने लगा लेकिन पुलिस ने उसे घेर लिया और दोनों तरफ से हुई गो#ली बा’री के बीच वो घा’यल हो गया.

इसके बाद उसे अस्पताल लाया गया जहां उसे मृ’त घो’षित कर दिया. अब इस ENCO-UNTER पर सवाल उठ रहे है. कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाते हुए अपने ट्वीट में लिखा कि जिसका शक था वही हुआ. दुबे का किन किन राजनैतिक लोगों से, पुलिस व अन्य अधिकारियों से सं’पर्क था, अब उजागर नहीं हो पाएगा.

उन्होंने आगे लिखा कि पिछले 3-4 दिनों में विकास दुबे के 2 अन्य साथियों का भी ENCO-UNTER कर दिया गया है लेकिन तीनों ENCO-UNTER का पै’टर्न एक समान क्यों है?

वहीँ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस पर सवाल खड़े करते हुए अपने ट्वीट में लिखा कि अपराधी का अं’त हो गया लेकिन अ’परा’ध और उसको स’रंक्ष’ण देने वाले लोगों का क्या?

वहीं यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस ENCO-UNTER को लेकर सूबे की योगी सरकार को घेरा. उन्होंने ट्वीट में लिखा कि दरअसल ये कार नहीं पलटी है, राज़ खुलने से सरकार पलटने से बचाई गई हैं.